World Coronary heart Day Corona Is The New Enemy Of The Coronary heart Covid19 Trigger Of One In 4 Deaths – विश्व ह्रदय दिवस: कोरोना दिल का नया दुश्मन, चार में से एक मौत का बना कारण, ऐसे रखें ध्यान

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सार

दिल शरीर में रक्त पहुंचाता है। इसी से शरीर को ऑक्सीजन और पोषक तत्त्व मिलते हैं। हृदय शरीर से हानिकारक तत्त्वों को भी बाहर निकालता है। अब कोरोना दिल के नए दुश्मन के रूप में सामने आ रहा है। आज विश्व हृदय दिवस है। इस बार की थीम ‘यूज हार्ट टू कनेक्ट’ है। तो आइए जानते हैं कोरोना दिल का नया दुश्मन कैसे है? कैसे दिल से जुड़कर इसका ख्याल रख सकते हैं..

विश्व ह्रदय दिवस
– फोटो : सोशल मीडिया

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वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन के अनुसार, विश्व में 1.86 करोड़ लोग हर वर्ष हृदय संबंधी तकलीफों से जान गंवाते हैं। यही नहीं हृदय रोग से ग्रसित 52 करोड़ लोगों के लिए कोरोना महामारी खतरनाक चुनौती है।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, पांच में से एक मौत का कारण कार्डियो वैस्कुलर डिजीज (सीवीडी) या स्ट्रोक है। इसमें से एक तिहाई मौतें असामयिक होती हैं। अधिकतर मृतकों की उम्र 70 वर्ष से कम होती हैं।

हार्ट अटैक आने पर क्या करें?

  • 108 पर फोन कर एम्बुलेंस बुलाएं या रोगी को खुद नजदीकी अस्पताल ले जाएं 
  • लक्षण दिखने पर तुरंत एस्पिरिन दवा दें, हृदय को नुकसान होने से बचाएं 
  • हृदय रोगी है और डॉक्टर ने नाइट्रोग्लिसिरन पहले लिखी है तो तुरंत दें 
  • बेसुध है तो सीपीआर दें, एक मिनट में 100 से 120 बार सीने को दबाएं 
  •  80 फीसदी कार्डियक अरेस्ट के मामले दुनियाभर में घर पर ही होते हैं

हार्ट अटैक के लक्षणों को ऐसे पहचानें

  • सीने में दबाव महसूस होना n दर्द होना n सीने या हाथ में खिंचाव महसूस होना
  • पाचन में तकलीफ 
  • हार्टबर्न 
  • पेट में दर्द 
  • जी मिचलाना 
  • सांस की तकलीफ 
  • अचानक से थकान महसूस होना।

वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कार्डियोलॉजिस्ट प्रो. धर्मेंद्र जैन बताते हैं कि मोबाइल फोन एप्लीकेशन, स्मार्ट वॉच, फिटबिट समेत अन्य डिजिटल माध्यमों से दिल की सेहत का ध्यान रखा जा सकता है। हृदय संबंधी रोग के लक्षण दिखने पर नेशनल टेली कंसल्टेशन सर्विस ई-संजीवनी ओपीडी (https://esanjeevaniopd.in/) पर ऑनलाइन मदद ले सकते हैं।

ऑक्सीजन की कमी से हृदय को क्षति
लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. भुवन चंद्र तिवारी बताते हैं, कोरोना के जिन मरीजों में निमोनिया हो जाता है, उनमें हृदय का काम बढ़ जाता है। इससे ऑक्सीजन की मांग बढ़ती है जिससे हृदय को क्षति पहुंचती है।

मुंबई के कोकिला बेन अस्पताल के डॉ. नंदकिशोर कपाड़िया बताते हैं, कोरोना से हृदय की मांसपेशी में सूजन संभव है। वायरस हृदय को क्षति पहुंचा ऑक्सीजन संतुलन को बिगाड़ सकता है।

सीने में दर्द को गैस न समझें
डॉ. कपाड़िया बताते हैं, वायरस फेफड़े से दिल और किडनी तक को प्रभावित कर रहा है। महामारी के दौर में किसी को सीने में दर्द महसूस हो तो उसे गैस समझकर नजरअंदाज न करें।

युवाओं को बरतनी होगी सावधानी
प्रो. धर्मेंद्र जैन बताते हैं, हृदय रोग अब सिर्फ अधिक उम्र वालों की बीमारी नहीं है। हाल के दिनों पर नजर डालेंगे तो हार्ट अटैक से युवाओं की जान गई है। युवाओं में शराब, बीयर, सिगरेट, मांसाहार भोजन की लत हृदय को बीमार बनाने के कारक है।

वायरस से दिल को नुकसान क्यों?
कोरोना के पांच फीसदी गंभीर मरीजों में साइटोकाईन स्टॉर्म दिखा है। इसमें मरीज का इम्युन सिस्टम अत्यधिक सक्रिय हो जाता है। ये रक्त प्रवाह में इन्फलेमेट्री मॉलीक्यूल्स छोड़ता है जिसे साइटोकाइन्स कहते हैं। साइटोकाइन्स की अत्यधिक सक्रियता के कारण हृदय के साथ शरीर के दूसरे अंगों को भी नुकसान पहुंचता है।

 इलेक्ट्रिक शॉक नहीं तो ब्रेन डेड
डॉ. तिवारी बताते हैं, हार्ट अटैक से मौत का प्रमुख कारण इलेक्ट्रिकल रिदम में अवरोध होता है जिसे वेंट्रिकुलर फिबरिलेशन कहते हैं। अवरोध दूर करने के लिए रोगी को सीने पर इलेक्ट्रिक शॉक देना होता है जिसे डिफिबरिलेशन कहते हैं। डिफिबरिलेशन नहीं है तो रोगी की 10 मिनट से भी कम समय में ब्रेन डेथ हो सकती है। लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज न करें।

  • खानपान : फल, सब्जी, हरी सब्जी, दूध, दही के साथ पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक भोजन में शामिल करें।
  • व्यायाम करें : रोज 30-45 मिनट चलें।
  • आराम : भागदौड़ और तनाव से बचें। आराम करें, मेडिटेशन करें, पर्याप्त नींद लें, मन शांत रखें।
  • 5000 कदम रोज चलें। योग, प्राणायाम भी दिनचर्या में शामिल करें।
  • सुबह जल्दी उठें, खुली हवा में घूमें।

 

युवाओं को हृदय रोग का खतरा नहीं ये अधिक उम्र वालों की बीमारी?

सच : हृदय रोग का उम्र से संबंध नहीं है। नवजात से लेकर किशोर और बुजुर्ग चपेट में आ सकते हैंै। मोटापा और डायबिटीज मेलाइटस युवाओं में हृदय रोग का प्रमुख कारण है।

मैं युवा हूं जंक फूड खा सकता हूं, व्यायाम की जरूरत नहीं है।

सच : युवाओं की खराब जीवनशैली और दूषित खानपान उनके हृदय को भविष्य में नुकसान पहुंचाने का कारक है। शराब, सिगरेट, तंबाकू उत्पादों के सेवन से युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं।

डायबिटीज है लेकिन नियंत्रित है, इसलिए हृदय को क्षति नहीं?

सच : मधुमेह की नियमित दवा ले रहे लोगों में हृदय संबंधी तकलीफें कम हो सकती हैं। हाई बीपी, मोटापा, मधुमेह और शारीरिक क्रिया बंद होने से रोग का खतरा दोगुना।

हाई कोलेस्ट्रॉल युवावस्था में नहीं, अधिक उम्र वालों की तकलीफ

सच : कोलेस्ट्रॉल लेवल की जांच 20 वर्ष के बाद हर पांच वर्ष पर करानी चाहिए। कोलेस्ट्रॉल या हृदय संबंधी तकलीफ परिवार में है तो समय से पहले भी जांच करा सकते हैं।

हृदय रोग पीढ़ियों से चला आ रहा, मैं कुछ नहीं कर सकता हूं?सच : परिवार में हृदय रोग है तो आने वाली पीढ़ी को रोग का खतरा रहता है। हां ये जरूर है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस खतरे को कम किया जा सकता है। कार्डियो वैस्कुलर डिजीज पर सावधानी और इलाज से नियंत्रण संभव है।

जीबी पंत हॉस्पिटल, दिल्ली के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रो. डॉ. मोहित दयाल गुप्ता का कहना है कि ‘हृदय की होने वाली ईको जांच में देखा गया है कि कोरोना वायरस हृदय की मांसपेशियों के साथ धड़कन को प्रभावित कर रहा है। अब देखना ये है कि कोरोना वायरस दिल का नया दुश्मन है या ये तकलीफ कुछ समय के लिए है।’
 

हृदय संबंधी तकलीफ का एक लक्षण खांसी भी है…इसमें सफेद और पिंक रंग का म्यूकस कफ में निकलता है। पैर, तलवे और एड़ी में सूजन भी इसके लक्षण हैं।

भारत में 4 में से 1 मौत का कारण है कोरोना: 24.8 फीसदी मौतों का कारण भारत में कॉर्डियो वैस्कुलर डिजीज या स्ट्रोक को माना गया है।

ये बातें भी हैं जरूरी

  • 1,50,000 बार तक दिनभर में धड़कता है दिल
  • 96,560 किमी लंबी हो सकती है रक्त वाहिकाएं
  • 60-80 बार प्रति मिनट दिल धड़कता है वयस्कों का
  • 250-350 ग्राम औसतन वजन होता है ह्रदय का
  • 70-190 बार दिल धड़कता है नवजात शिशुओं का

विस्तार

वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन के अनुसार, विश्व में 1.86 करोड़ लोग हर वर्ष हृदय संबंधी तकलीफों से जान गंवाते हैं। यही नहीं हृदय रोग से ग्रसित 52 करोड़ लोगों के लिए कोरोना महामारी खतरनाक चुनौती है।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, पांच में से एक मौत का कारण कार्डियो वैस्कुलर डिजीज (सीवीडी) या स्ट्रोक है। इसमें से एक तिहाई मौतें असामयिक होती हैं। अधिकतर मृतकों की उम्र 70 वर्ष से कम होती हैं।

हार्ट अटैक आने पर क्या करें?

  • 108 पर फोन कर एम्बुलेंस बुलाएं या रोगी को खुद नजदीकी अस्पताल ले जाएं 
  • लक्षण दिखने पर तुरंत एस्पिरिन दवा दें, हृदय को नुकसान होने से बचाएं 
  • हृदय रोगी है और डॉक्टर ने नाइट्रोग्लिसिरन पहले लिखी है तो तुरंत दें 
  • बेसुध है तो सीपीआर दें, एक मिनट में 100 से 120 बार सीने को दबाएं 
  •  80 फीसदी कार्डियक अरेस्ट के मामले दुनियाभर में घर पर ही होते हैं

हार्ट अटैक के लक्षणों को ऐसे पहचानें

  • सीने में दबाव महसूस होना n दर्द होना n सीने या हाथ में खिंचाव महसूस होना
  • पाचन में तकलीफ 
  • हार्टबर्न 
  • पेट में दर्द 
  • जी मिचलाना 
  • सांस की तकलीफ 
  • अचानक से थकान महसूस होना।

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