Uttarakhand Avalanche Information: Kashmir Excessive Altitude Skilled Workforce Will Search For Lacking Navy Jawans – उत्तराखंड: त्रिशूल पर्वत पर गए नौसेना के चार अफसरों के शव मिले, एवलांच की चपेट में आ गया था दल

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संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर/उत्तरकाशी
Revealed by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Up to date Solar, 03 Oct 2021 12:41 AM IST

सार

Uttarakhand Avalanche: घटना की सूचना मिलने पर उत्तरकाशी के नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से तीन सदस्यीय दल रेस्क्यू के लिए शुक्रवार को ही रवाना हो गया था। शुक्रवार को जोशीमठ में मौसम खराब होने के कारण रेस्क्यू शुरू नहीं हो पाया था।

नौसेना के चार अफसरों के मिले शव

नौसेना के चार अफसरों के मिले शव
– फोटो : ट्विटर ANI

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विस्तार

माउंट त्रिशूल पर एवलांच (बर्फीले तूफान) की चपेट में आने से लापता नौसेना के चार अधिकारियों के शव शनिवार की शाम मिल गए। जिनके शव मिले हैं उनमें लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव, लेफ्टिनेंट कमांडर अनंत कुकरेती, लेफ्टिनेंट कमांडर योगेश तिवारी और मास्टर चीफ पैट्टी आफिसर हरिओम शामिल हैं। अभियान दल के दो लोग अब भी लापता बताए गए हैं। इनकी तलाश में अभियान जारी रहेगा।

इससे पूर्व शनिवार की दोपहर खोज के लिए गए दल को हवाई सर्वे के दौरान मौके पर चार लोग पड़े हुए दिखाई दिए। इन लोगों को निकालने के लिए टीम उतारी गई। निम के कर्नल अमित बिष्ट ने शुरुआती जानकारी दी थी कि रेस्क्यू अभियान में रविवार तक का समय लग सकता है। रेस्क्यू के लिए हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल गुलमर्ग से भी टीम पहुंच चुकी है। लेकिन देर शाम उन्होंने चार शवों के मिलने की पुष्टि कर दी।

रक्षा मंत्री की संवेदनाएं

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने त्रिशूल पर भारतीय नौसेना के पर्वतारोहण अभियान में शामिल चार नौसेना कर्मियों की मौत पर दुख व्यक्त किया है। एक ट्वीट में श्री सिंह ने कहा कि इस त्रासदी में राष्ट्र ने न केवल अनमोल युवा बल्कि साहसी सैनिकों को भी खोया है।

रक्षा मंत्री ने कहा, लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव, लेफ्टिनेंट कमांडर योगेश तिवारी, लेफ्टिनेंट कमांडर अनंत कुकरेती और एमसीपीओ II हरिओम के शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है। उन्होंने टीम के बाकी सदस्यों का जल्द पता लगाने की प्रार्थना की।

मौसम खराब होने के चलते नहीं हुआ था रेस्क्यू शुरू 

शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे माउंट त्रिशूल कैंप-3 में एवलांच आने से नौसेना के पांच सदस्य और एक शेरपा लापता हो गए थे। यह दल माउंट त्रिशूल पर आरोहण के लिए गया था। घटना की सूचना मिलने पर उत्तरकाशी के नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से तीन सदस्यीय दल रेस्क्यू के लिए शुक्रवार को ही रवाना हो गया था। शुक्रवार को जोशीमठ में मौसम खराब होने के कारण रेस्क्यू शुरू नहीं हो पाया था।

नौसेना के चारों अफसरों के शव बरामद 

निम के रजिस्ट्रार विशाल रंजन ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 9 बजे को निम के रेस्क्यू दल ने हेलीकॉप्टर से घटना स्थल का हवाई सर्वेक्षण किया है। उस स्थान को देखा है जहां पर एवलांच आया था, लेकिन घटना स्थल 6700 मीटर की ऊंचाई पर है। इतनी ऊंचाई पर रेस्क्यू के लिए हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल गुलमर्ग, कश्मीर से टीम को बुलाया गया है। निम की रेस्क्यू टीम का नेतृत्व कर रहे कर्नल अमित कुमार ने बताया कि घटना स्थल पर चार व्यक्ति पड़े हुए दिखाई दिए हैं। रेस्क्यू के लिए हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल गुलमर्ग की टीम को घटना स्थल पर उतारा गया। इसी टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद नौसेना के चारों अफसरों के शवों को बरामद कर लिया।

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