Us: Patagon Frightened About Terrorist Secure Havens From Pakistan, Secretary John Kirby Hints At Assault – अमेरिका : पाकिस्तान की आतंकी पनाहगाहों को लेकर पेंटागन चिंतित, सचिव किर्बी ने दिए हमले के संकेत

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एजेंसी, वाशिंगटन
Revealed by: Kuldeep Singh
Up to date Sat, 02 Oct 2021 12:48 AM IST

सार

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने कहा, अफगानिस्तान और अमेरिका ने पहले भी तालिबान आतंकियों को शरण देने के लिए पाकिस्तान की निंदा की है। यहां आतंकियों पनाह दी जाती है और उनका मेडिकल इलाज भी किया जाता है।
 

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अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने कहा है कि अमेरिका लंबे समय से पाकिस्तान के साथ अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में आतंकियों की पनाहगाहों के संबंध में अपनी चिंताओं को लेकर अब भी बेहद चिंतित है। अफगानिस्तान और अमेरिका ने पहले भी तालिबान आतंकियों को शरण देने के लिए पाकिस्तान की निंदा की है। यहां उन्हें पनाह दी जाती है और उनका मेडिकल इलाज भी किया जाता है।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने दोहराया, सीमा पार आतंकियों का पाक में होता है इलाज
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने कहा, हम लंबे समय से पनाहगाहों के संबंध में पाकिस्तान के साथ अपनी चिंताओं को लेकर बहुत ईमानदार रहे हैं। ये पनाहगाह सीमा पर उनकी तरफ हैं और ये चिंताएं आज भी बरकरार हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान का पड़ोसी होने के नाते पाकिस्तान के पास निश्चित रूप से दुनिया के उस हिस्से में आतंकवाद को लेकर कुछ समानताएं और जिम्मेदारियां हैं।

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, हम अपनी चिंताओं को लेकर पाकिस्तानी नेताओं के साथ स्पष्ट बातचीत जारी रखेंगे। किर्बी ने कहा, मुझे लगता है कि यह याद दिलाना अहम है कि पाकिस्तानी लोग भी उन समूहों और उसी सीमा से पैदा होने वाले आतंकी खतरों के शिकार रहे हैं। काबुल का भी दावा है कि पाकिस्तान उनके देश में हजारों आतंकी भेज रहा है और तालिबान को पनाह दे रहा है।

ड्रोन हमले अमेरिकी अधिकारों के दायरे में
पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान के भीतर ड्रोन हमले जारी रखना अमेरिका के अधिकारों के दायरे में आता है। उन्होंने कहा, हम मानते हैं कि हमारे पास देश की रक्षा का अधिकार है। किर्बी का यह बयान इसलिए आया है क्योंकि तालिबान ने अमेरिका पर अफगानिस्तान में ड्रोन उड़ाना जारी रखकर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया है।

पाक में अब भांग की खेती पर जोर
पाकिस्तान की कंगाली अब खुलकर सामने आ रही है। सरकार अब पैसे जुटाने के लिए भांग की खेती तक के उपाय कर रही है। पाक सूचना व प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने देश के पहले भांग के खेत का उद्घाटन किया है। इस मौके पर उन्होंने विज्ञान एवं तकनीक मंत्रालय और खासकर पाकिस्तान काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च को सम्मानित भी किया। पाकिस्तान चाहता है कि भांग की खेती को बढ़ावा देकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसे बेचकर मोटी कमाई की जाए।

विस्तार

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने कहा है कि अमेरिका लंबे समय से पाकिस्तान के साथ अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में आतंकियों की पनाहगाहों के संबंध में अपनी चिंताओं को लेकर अब भी बेहद चिंतित है। अफगानिस्तान और अमेरिका ने पहले भी तालिबान आतंकियों को शरण देने के लिए पाकिस्तान की निंदा की है। यहां उन्हें पनाह दी जाती है और उनका मेडिकल इलाज भी किया जाता है।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने दोहराया, सीमा पार आतंकियों का पाक में होता है इलाज

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने कहा, हम लंबे समय से पनाहगाहों के संबंध में पाकिस्तान के साथ अपनी चिंताओं को लेकर बहुत ईमानदार रहे हैं। ये पनाहगाह सीमा पर उनकी तरफ हैं और ये चिंताएं आज भी बरकरार हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान का पड़ोसी होने के नाते पाकिस्तान के पास निश्चित रूप से दुनिया के उस हिस्से में आतंकवाद को लेकर कुछ समानताएं और जिम्मेदारियां हैं।

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, हम अपनी चिंताओं को लेकर पाकिस्तानी नेताओं के साथ स्पष्ट बातचीत जारी रखेंगे। किर्बी ने कहा, मुझे लगता है कि यह याद दिलाना अहम है कि पाकिस्तानी लोग भी उन समूहों और उसी सीमा से पैदा होने वाले आतंकी खतरों के शिकार रहे हैं। काबुल का भी दावा है कि पाकिस्तान उनके देश में हजारों आतंकी भेज रहा है और तालिबान को पनाह दे रहा है।

ड्रोन हमले अमेरिकी अधिकारों के दायरे में

पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान के भीतर ड्रोन हमले जारी रखना अमेरिका के अधिकारों के दायरे में आता है। उन्होंने कहा, हम मानते हैं कि हमारे पास देश की रक्षा का अधिकार है। किर्बी का यह बयान इसलिए आया है क्योंकि तालिबान ने अमेरिका पर अफगानिस्तान में ड्रोन उड़ाना जारी रखकर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया है।

पाक में अब भांग की खेती पर जोर

पाकिस्तान की कंगाली अब खुलकर सामने आ रही है। सरकार अब पैसे जुटाने के लिए भांग की खेती तक के उपाय कर रही है। पाक सूचना व प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने देश के पहले भांग के खेत का उद्घाटन किया है। इस मौके पर उन्होंने विज्ञान एवं तकनीक मंत्रालय और खासकर पाकिस्तान काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च को सम्मानित भी किया। पाकिस्तान चाहता है कि भांग की खेती को बढ़ावा देकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसे बेचकर मोटी कमाई की जाए।

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