Us Delegation Will Meet Senior Taliban Representatives In Doha  – अफगानिस्तान: सैन्य वापसी के बाद अमेरिका पहली बार करेगा तालिबान के साथ औपचारिक बातचीत, क्या मिल जाएगी मान्यता?

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वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Printed by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Up to date Sat, 09 Oct 2021 07:44 AM IST

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अफगानिस्तान से सैन्य वापसी के बाद अमेरिका पहली बार तालिबान से बातचीत करने को तैयार हो गया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोहा में शनिवार व रविवार को अमेरिकी डेलीगेशन और तालिबान के नेताओं के बीच अहम मुलाकात होगी। इस दौरान अमेरिकी डेलीगेशन तालिबान पर अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दबाव बनाएगा। इतना ही नहीं अफगानिस्तान के अंदर महिलाओं के अधिकार और समझौते के तहत अपनी जमीन का किसी देश के खिलाफ इस्तेमाल न करने का भी दबाव तालिबान के ऊपर बनाया जाएगा।

हालांकि, विदेश मंत्रालय ने यह साफ कर दिया है कि इस मुलाकात का यह आशय नहीं है कि अमेरिका तालिबान को मान्यता देने जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि तालिबान को मान्यता उसकी सरकार के कामकाज को देखते हुए मिलेगी। 

विदेशी नागरिकों की निकासी की बनेगी योजना 
विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि इस मुलाकात का अहम उद्देश्य अफगानिस्तान में फंसे अमेरिकी व अन्य विदेशी नागरिकों की सुरक्षित निकासी की योजना तैयार करना है। बताया कि, डेलीगेशन इसी मुद्दे को तालिबानी नेताओं के सामने जोर-शोर से रखेगा। 

मानवीय संकट पर भी होगी बातचीत
इन दिनों अफगानिस्तान एक बड़े मानवीय संकट का सामना कर रहा है। बैंकों में फंड खत्म हो चुके हैं। तेजी से भुखमरी और बीमारियां फैल रही हैं। ऐसे में कई एजेंसियां अफगानिस्तान को मानवीय सहायता पहुंचाना चाह रही हैं, लेकिन तालिबान हुकूमत के चलते ऐसा नहीं हो पा रहा है। अमेरिकी डेलीगेशन की ओर से तालिबान पर इस चीज का भी दबाव बनाया जाएगा, कि विभिन्न एजेंसियां अफगानिस्तान में मानवीय सहायता पहुंचा सकें।

विस्तार

अफगानिस्तान से सैन्य वापसी के बाद अमेरिका पहली बार तालिबान से बातचीत करने को तैयार हो गया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोहा में शनिवार व रविवार को अमेरिकी डेलीगेशन और तालिबान के नेताओं के बीच अहम मुलाकात होगी। इस दौरान अमेरिकी डेलीगेशन तालिबान पर अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दबाव बनाएगा। इतना ही नहीं अफगानिस्तान के अंदर महिलाओं के अधिकार और समझौते के तहत अपनी जमीन का किसी देश के खिलाफ इस्तेमाल न करने का भी दबाव तालिबान के ऊपर बनाया जाएगा।

हालांकि, विदेश मंत्रालय ने यह साफ कर दिया है कि इस मुलाकात का यह आशय नहीं है कि अमेरिका तालिबान को मान्यता देने जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि तालिबान को मान्यता उसकी सरकार के कामकाज को देखते हुए मिलेगी। 

विदेशी नागरिकों की निकासी की बनेगी योजना 

विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि इस मुलाकात का अहम उद्देश्य अफगानिस्तान में फंसे अमेरिकी व अन्य विदेशी नागरिकों की सुरक्षित निकासी की योजना तैयार करना है। बताया कि, डेलीगेशन इसी मुद्दे को तालिबानी नेताओं के सामने जोर-शोर से रखेगा। 

मानवीय संकट पर भी होगी बातचीत

इन दिनों अफगानिस्तान एक बड़े मानवीय संकट का सामना कर रहा है। बैंकों में फंड खत्म हो चुके हैं। तेजी से भुखमरी और बीमारियां फैल रही हैं। ऐसे में कई एजेंसियां अफगानिस्तान को मानवीय सहायता पहुंचाना चाह रही हैं, लेकिन तालिबान हुकूमत के चलते ऐसा नहीं हो पा रहा है। अमेरिकी डेलीगेशन की ओर से तालिबान पर इस चीज का भी दबाव बनाया जाएगा, कि विभिन्न एजेंसियां अफगानिस्तान में मानवीय सहायता पहुंचा सकें।

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