Up Police On Backfoot Due To Not Arrest Ashish Mishra Even After Three Days Of Lakhimpur Kheri Incident – लखीमपुर खीरी: तीन दिन बीतने पर भी सांसद पुत्र की गिरफ्तारी न होने पर बैकफुट पर पुलिस, सफाई में एडीजी जोन बोले, साक्ष्य जुटा रहे हैं

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सार

आशीष मिश्र के ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज होने के तीन दिन बाद भी उनकी गिरफ्तारी न होने पर पुलिस प्रशासन भी विपक्ष के निशाने पर है। उस पर सत्ता के दबाव में काम करने और केंद्रीय मंत्री को बचाने के आरोप लग रहे हैं।

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तिकुनिया बवाल मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के तीन दिन बाद भी नामजद अभियुक्त आशीष मिश्र की गिरफ्तारी न होने से पुलिस बैकफुट पर है। विपक्ष समेत किसान नेता उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। मामले में बुधवार को अमर उजाला से खास बातचीत में एडीजी लखनऊ जोन एसएन साबत ने बताया कि पुलिस अभी घटना से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है। साक्ष्यों में पुष्टि होने पर फौरन ही गिरफ्तारी की जाएगी। उधर, बुधवार को दिल्ली पहुंचे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी गृह मंत्रालय में कुछ ही देर रुके। सूत्रों के हवाले से खबर है कि आशीष मिश्र कभी भी समर्पण कर सकते हैं।

रविवार की दोपहर तिकुनिया में हुए बवाल में चार किसानों समेत कुल आठ लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद भाजपा सरकार विपक्ष के निशाने पर है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी की मांग और उनके बेटे आशीष मिश्र की गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं। 

मामले में आशीष मिश्र के ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज होने के तीन दिन बाद भी उनकी गिरफ्तारी न होने पर पुलिस प्रशासन भी विपक्ष के निशाने पर है। उस पर सत्ता के दबाव में काम करने और केंद्रीय मंत्री को बचाने के आरोप लग रहे हैं, जबकि मृतक किसानों के परिजन और सरकार के बीच मध्यस्थता कराने वाले भाकियू नेता राकेश टिकैत ने भी समझौते के बाद मंत्रिमंडल से टेनी की बर्खास्तगी और उनके बेटे की गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी। 

उधर, विपक्ष के आरोपों पर मंत्री टेनी का कहना है कि उनका बेटा इस खूनी संघर्ष में जब मौके पर नहीं था तो उसकी गिरफ्तारी कैसे हो सकती है। कमोबेश यही बात पुलिस भी कह रही है, जिस पर विपक्ष लगातार पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगा रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि बड़े गुनाहों और मामलों में जब तक पुख्ता साक्ष्य न मिल जाएं, तब तक जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। वहीं सूत्रों के हवाले से खबर है कि पुलिस की एक टीम आशीष मिश्र के गांव बनवीरपुर भेजी गई है।

उधर, दिल्ली तलब होने के बाद मंगलवार रात रवाना हुए टेनी बुधवार की सुबह गृह मंत्रालय पहुंचे, जहां वह कुछ ही देर रुके। टेनी की भी अमित शाह से मुलाकात कोई सुखद नहीं बताई जा रही है। इससे इस बात को बल मिल रहा है कि आशीष मिश्र सरेंडर कर सकते हैं। एडीजी जोन एसएन साबत से हुई बातचीत में भी इसका इशारा मिला है। 

तिकुनियां बवाल के बाद जिले में शांति व्यवस्था पूरी तौर से कायम है। विवेचना की जा रही है। साक्ष्य का संकलन किया जा रहा है। जब तक पुख्ता सबूत नहीं मिल जाते, तब तक गिरफ्तारी करना जल्दबाजी होगी। सभी पक्षों की विवेचना की जा रही है। – एसएन साबत, एडीजी जोन, लखनऊ

विस्तार

तिकुनिया बवाल मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के तीन दिन बाद भी नामजद अभियुक्त आशीष मिश्र की गिरफ्तारी न होने से पुलिस बैकफुट पर है। विपक्ष समेत किसान नेता उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। मामले में बुधवार को अमर उजाला से खास बातचीत में एडीजी लखनऊ जोन एसएन साबत ने बताया कि पुलिस अभी घटना से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है। साक्ष्यों में पुष्टि होने पर फौरन ही गिरफ्तारी की जाएगी। उधर, बुधवार को दिल्ली पहुंचे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी गृह मंत्रालय में कुछ ही देर रुके। सूत्रों के हवाले से खबर है कि आशीष मिश्र कभी भी समर्पण कर सकते हैं।

रविवार की दोपहर तिकुनिया में हुए बवाल में चार किसानों समेत कुल आठ लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद भाजपा सरकार विपक्ष के निशाने पर है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी की मांग और उनके बेटे आशीष मिश्र की गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं। 

मामले में आशीष मिश्र के ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज होने के तीन दिन बाद भी उनकी गिरफ्तारी न होने पर पुलिस प्रशासन भी विपक्ष के निशाने पर है। उस पर सत्ता के दबाव में काम करने और केंद्रीय मंत्री को बचाने के आरोप लग रहे हैं, जबकि मृतक किसानों के परिजन और सरकार के बीच मध्यस्थता कराने वाले भाकियू नेता राकेश टिकैत ने भी समझौते के बाद मंत्रिमंडल से टेनी की बर्खास्तगी और उनके बेटे की गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी। 

उधर, विपक्ष के आरोपों पर मंत्री टेनी का कहना है कि उनका बेटा इस खूनी संघर्ष में जब मौके पर नहीं था तो उसकी गिरफ्तारी कैसे हो सकती है। कमोबेश यही बात पुलिस भी कह रही है, जिस पर विपक्ष लगातार पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगा रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि बड़े गुनाहों और मामलों में जब तक पुख्ता साक्ष्य न मिल जाएं, तब तक जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। वहीं सूत्रों के हवाले से खबर है कि पुलिस की एक टीम आशीष मिश्र के गांव बनवीरपुर भेजी गई है।

उधर, दिल्ली तलब होने के बाद मंगलवार रात रवाना हुए टेनी बुधवार की सुबह गृह मंत्रालय पहुंचे, जहां वह कुछ ही देर रुके। टेनी की भी अमित शाह से मुलाकात कोई सुखद नहीं बताई जा रही है। इससे इस बात को बल मिल रहा है कि आशीष मिश्र सरेंडर कर सकते हैं। एडीजी जोन एसएन साबत से हुई बातचीत में भी इसका इशारा मिला है। 

तिकुनियां बवाल के बाद जिले में शांति व्यवस्था पूरी तौर से कायम है। विवेचना की जा रही है। साक्ष्य का संकलन किया जा रहा है। जब तक पुख्ता सबूत नहीं मिल जाते, तब तक गिरफ्तारी करना जल्दबाजी होगी। सभी पक्षों की विवेचना की जा रही है। – एसएन साबत, एडीजी जोन, लखनऊ

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