Trans-provincial Problem Heats Up Once more In Maharashtra Cm Asks Police To Gather Particulars Of Individuals From Up-bihar – महाराष्ट्र: फिर गरमाया परप्रांतीयों का मुद्दा, सीएम ने पुलिस को यूपी-बिहार के लोगों का ब्योरा जुटाने को कहा 

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अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Revealed by: देव कश्यप
Up to date Wed, 15 Sep 2021 03:22 AM IST

सार

मुख्यमंत्री ठाकरे ने सोमवार को बैठक में निर्देश दिया था कि राज्य में आने वाले परप्रांतीयों का रिकॉर्ड रखा जाए। भाजपा ने मुख्यमंत्री के इस निर्देश की आलोचना की है और  सीएम के खिलाफ पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज कराई है।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे
– फोटो : Social media

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महाराष्ट्र में एक बार फिर परप्रांतीयों के मुद्दे पर राजनीति शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई साकीनाका निर्भया कांड के बाद राज्य में यूपी-बिहार व अन्य राज्यों से आने वालों लोगों का ब्योरा जुटाने के लिए कहा है। भाजपा ने मुख्यमंत्री के इस निर्देश की आलोचना की है। सीएम के खिलाफ पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज कराई है।

मुख्यमंत्री ठाकरे ने सोमवार को बैठक में निर्देश दिया था कि राज्य में आने वाले परप्रांतीयों का रिकॉर्ड रखा जाए। उनके आने-जाने से लेकर रहने और काम करने के स्थान की भी निगरानी रखी जाए। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे भी ये मांगें कर रहे हैं। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि क्या महाराष्ट्र के लोग इस तरह का अपराध नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि अपराध विशेष को लेकर किसी एक समाज को लक्ष्य नहीं बनाना चाहिए।

मुंबई भाजपा प्रभारी व विधायक अतुल भातखलकर ने मुख्यमंत्री के खिलाफ कांदिवली पूर्व के समतानगर पुलिस स्टेशन में धारा 153 (ए) के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस तरह के निर्देश से सूबे में स्थानीय बनाम परप्रांतीयों के बीच द्वेष बढ़ेगा। कई लोगों को लगेगा कि महाराष्ट्र में परप्रांतीयों के कारण दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ रही है। इससे परप्रांतीय भयभीत हो गए हैं।

मुंबई में सात महीने में 550 महिलाएं हुई दुष्कर्म की शिकार
अतुल भातखलकर ने कहा कि शिवसेना के छह से ज्यादा पदाधिकारियों पर दुष्कर्म का आरोप है। बीते सात महीने में मुंबई में 550 महिलाएं दुष्कर्म का शिकार हुई हैं, जिसमें 323 नाबालिग हैं। उद्धव ठाकरे सरकार को यह पता लगाना चाहिए कि इसमें कितने आरोपी परप्रांतीय हैं।

विस्तार

महाराष्ट्र में एक बार फिर परप्रांतीयों के मुद्दे पर राजनीति शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई साकीनाका निर्भया कांड के बाद राज्य में यूपी-बिहार व अन्य राज्यों से आने वालों लोगों का ब्योरा जुटाने के लिए कहा है। भाजपा ने मुख्यमंत्री के इस निर्देश की आलोचना की है। सीएम के खिलाफ पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज कराई है।

मुख्यमंत्री ठाकरे ने सोमवार को बैठक में निर्देश दिया था कि राज्य में आने वाले परप्रांतीयों का रिकॉर्ड रखा जाए। उनके आने-जाने से लेकर रहने और काम करने के स्थान की भी निगरानी रखी जाए। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे भी ये मांगें कर रहे हैं। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि क्या महाराष्ट्र के लोग इस तरह का अपराध नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि अपराध विशेष को लेकर किसी एक समाज को लक्ष्य नहीं बनाना चाहिए।

मुंबई भाजपा प्रभारी व विधायक अतुल भातखलकर ने मुख्यमंत्री के खिलाफ कांदिवली पूर्व के समतानगर पुलिस स्टेशन में धारा 153 (ए) के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस तरह के निर्देश से सूबे में स्थानीय बनाम परप्रांतीयों के बीच द्वेष बढ़ेगा। कई लोगों को लगेगा कि महाराष्ट्र में परप्रांतीयों के कारण दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ रही है। इससे परप्रांतीय भयभीत हो गए हैं।

मुंबई में सात महीने में 550 महिलाएं हुई दुष्कर्म की शिकार

अतुल भातखलकर ने कहा कि शिवसेना के छह से ज्यादा पदाधिकारियों पर दुष्कर्म का आरोप है। बीते सात महीने में मुंबई में 550 महिलाएं दुष्कर्म का शिकार हुई हैं, जिसमें 323 नाबालिग हैं। उद्धव ठाकरे सरकार को यह पता लगाना चाहिए कि इसमें कितने आरोपी परप्रांतीय हैं।



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