Sneha Dubey Eenam Gambhir Paulomi Tripathi And Vidisha Maitra India’s Daughters Who Decimated Pakistan In Un – ईनम गंभीर, पॉलोमी त्रिपाठी, विदिशा मैत्रा, स्नेहा दुबे: भारत की इन बेटियों ने यूएन में लगा दी पाकिस्तान की क्लास

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सार

इस डॉटर्स डे पर हम आपको बता रहे हैं संयुक्त राष्ट्र में  भारत की उन बेटियों के भाषण, जिनसे पाकिस्तान का आतंकी चेहरा खुलकर दुनिया के सामने आ गया।

यूएन में पाकिस्तान को जवाब देने वाली भारत की बेटियां।
– फोटो : अमर उजाला।

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संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस साल इमरान खान ने एक बार फिर पुराना कश्मीर राग अलापा। उम्मीद की जा रही थी कि इमरान को करारा जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मोर्चा संभालेंगे। लेकिन उनके संबोधन से पहले ही यूएन में भारत की प्रथम प्रतिनिधि स्नेहा दुबे ने जबरदस्त तरीके से पाकिस्तान पर पलटवार किया। स्नेहा ने इमरान खान का नाम लेकर उनके झूठे आरोपों का खुलासा किया और कहा कि पाक आतंकियों को खुला समर्थन देता है। 

स्नेहा के इन जवाबों ने पिछले पांच सालों में यूएन में भारत की प्रतिनिधि रहीं ईनम गंभीर, पॉलोमी त्रिपाठी, विदिशा मैत्रा मिजितो विनितो और स्नेहा दुबे की ओर से यूएन में पाकिस्तान को घेरने की पुरानी यादें ताजा कर दीं। इस डॉटर्स डे पर हम आपको बता रहे हैं भारत की इन्हीं बेटियों के वो भाषण जिनसे पाकिस्तान का आतंकी चेहरा दुनिया के सामने आया।
पाकिस्तान ने अपने पुराने ढर्रे पर चलते हुए इस साल भी संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे को उठाया था। तब यूएन में भारत की प्रथम प्रतिनिधि ईनम गंभीर ने पाकिस्तान को एक आतंकी देश बताते हुए कहा कि वह अब आतंक का दूसरा नाम बन चुका है। वहां आतंकी फलते-फूलते हैं। पाक अब ‘टेररिस्तान’ बन चुका है। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि प्राचीन भारत में तक्षशिला ज्ञान का केंद्र हुआ करता था, लेकिन पाकिस्तान में रहते हुए अब वहां आंतकियों की कतार लगी है। इसस पहले 2015 में भी ईनम ने नवाज शरीफ और पाकिस्तान को यूएन में खरी-खरी सुनाई थी। 
इस साल संयुक्त राष्ट्र में एक गलत तस्वीर दिखाकर मुश्किल में फंसे पाकिस्तान पर भारत के परमानेंट मिशन के साथ नियुक्त सचिव पॉलोमी त्रिपाठी ने पलटवार किया। दरअसल, यूएन में पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने भारत पर इल्जाम लगाते हुए एक तस्वीर दिखाई थी जिसमें एक लड़की का चेहरा पेलेट गन से जख्मी दिख रहा है। यह तस्वीर झूठी साबित हुई, जिसके बाद पॉलोमी त्रिपाठी ने जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों द्वारा मारे गए लेफ्टिनेंट उमर फय्याज की तस्वीरें दिखाईं। 

साथ ही उन्होंने कहा था, “पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि ने एक बार फिर वैश्विक आतंकवाद के केंद्र के रूप में पाकिस्तान की भूमिका से ध्यान हटाने की कोशिश की। गाजा की लड़की की तस्वीर के जरिए भारत के बारे में झूठ फैलाने की कोशिश की। फर्जी तस्वीर के जरिए फ़र्जी नेरेटिव गढ़ने का प्रयास किया। पाकिस्तान की इस झूठी कोशिश के सामने हम असेंबली को उस दर्द की सच्ची तस्वीर दिखाना चाहते हैं जो पाकिस्तान की साज़िशों की वजह से भारत को भुगतने पड़ रहे हैं।”
इस साल यूएनजीए में अपने पहले संबोधन में पाकिस्तान के राष्ट्रपति इमरान खान ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने पर नाराजगी जताई और भारत के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद यूएन में भारत की प्रथम सचिव विदिशा मैत्रा ने इमरान के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा, “हम आपसे अनुरोध करेंगे कि आप इतिहास की अपनी समझ को ताजा करें। साल 1971 में पाकिस्तान द्वारा अपने ही लोगों के खिलाफ किए क्रूर नरसंहार और उसमें लेफ्टिनेंट जनरल एएके निआजी की भूमिका को न भूलें।”

मैत्रा ने आगे इमरान से पूछा कि क्या वे मंच से इस बात से इनकार कर पाएंगे कि वे ओसामा बिन लादेन के खुलेआम समर्थक नहीं थे? क्या पाकिस्तान इस बात की पुष्टि कर सकता है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 130 आतंकवादी और 25 आतंकवादी संगठन उसके यहां नहीं है? क्या पाकिस्तान यह मानेगा कि वह दुनिया में एकमात्र देश है जो संयुक्त राष्ट्र की अलकायदा और इस्लामिक स्टेट प्रतिबंध सूची में शामिल लोगों को पेंशन देता है। क्या पाकिस्तान इससे इनकार करेगा कि वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) ने देश को 27 प्रमुख मानकों में से 20 से अधिक के उल्लंघन के लिए नोटिस दिया?
इस साल भी पाकिस्तान ने फिर से कश्मीर मुद्दे को उठाते हुए भारत पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगा दिए। जवाब देने के लिए मौजूद थीं यूएन में भारत की प्रथम प्रतिनिधि स्नेहा दुबे, जिन्होंने पाकिस्तान के आतंकी चेहरे को दुनिया के सामने उजागर कर दिया। ने कहा कि पाकिस्तान आंतकियों को पनाह देने के लिए हमेशा अपनी जमीन का इस्तेमाल करता रहा है। दुनिया जानती है कि आतंकी ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में पनाह मिली थी, लेकिन अमेरिका ने उसे मार गिराया। 

उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के खिलाफ एक नहीं सैकड़ों सबूत सामने आ चुके हैं, फिर भी वह बेशर्म की तरह मुंह छुपाते हुए अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है। लेकिन, दुनिया जानती है कि आतंकवाद का सुरक्षित ठिकाना अगर कोई देश है तो वह पाकिस्तान है, जहां आतंकवाद और आंतकियों को बढ़ावा दिया जाता है।

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस साल इमरान खान ने एक बार फिर पुराना कश्मीर राग अलापा। उम्मीद की जा रही थी कि इमरान को करारा जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मोर्चा संभालेंगे। लेकिन उनके संबोधन से पहले ही यूएन में भारत की प्रथम प्रतिनिधि स्नेहा दुबे ने जबरदस्त तरीके से पाकिस्तान पर पलटवार किया। स्नेहा ने इमरान खान का नाम लेकर उनके झूठे आरोपों का खुलासा किया और कहा कि पाक आतंकियों को खुला समर्थन देता है। 

स्नेहा के इन जवाबों ने पिछले पांच सालों में यूएन में भारत की प्रतिनिधि रहीं ईनम गंभीर, पॉलोमी त्रिपाठी, विदिशा मैत्रा मिजितो विनितो और स्नेहा दुबे की ओर से यूएन में पाकिस्तान को घेरने की पुरानी यादें ताजा कर दीं। इस डॉटर्स डे पर हम आपको बता रहे हैं भारत की इन्हीं बेटियों के वो भाषण जिनसे पाकिस्तान का आतंकी चेहरा दुनिया के सामने आया।


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