Shiv Sena Chief Anant Geete Says Ncp Chief Sharad Pawar Who Had Backstabbed Congress Can not Be A Guru For Shivsainiks – शिवसेना नेता का पवार पर हमला: पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा-पीठ में छुरा घोंपने वाले शिवसैनिकों के ‘गुरु’ नहीं हो सकते

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Printed by: संजीव कुमार झा
Up to date Tue, 21 Sep 2021 12:10 PM IST

सार

शिवसेना नेता अनंत गीते ने शरद पवार पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन्होंने अपनी पार्टी बनाने के लिए कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंपा था, वह शिवसैनिकों के लिए ‘गुरु’ नहीं हो सकते।

अनंत गीते और शरद पवार
– फोटो : पीटीआई

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पूर्व केंद्रीय मंत्री और शिवसेना नेता अनंत गीते ने मंगलवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने अपनी पार्टी बनाने के लिए कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंपा था, वह शिवसैनिकों के लिए ‘गुरु’ नहीं हो सकते। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की त्रिपक्षीय महाविकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार सिर्फ एक समायोजन है।

सोमवार को अपने गृह क्षेत्र रायगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गीते ने कहा कि शरद पवार कभी हमारे नेता नहीं हो सकते क्योंकि यह सरकार (एमवीए) केवल एक समायोजन है। लोग पवार के लिए जितनी वाहवाही करते हैं, करें, लेकिन हमारे  गुरु दिवंगत बालासाहेब ठाकरे ही हैं। गीते ने कहा कि जब तक यह सरकार चल रही है, तब तक चलती रहेगी..अगर हम अलग हो गए तो हमारा घर शिवसेना है और हम हमेशा अपनी पार्टी के साथ रहेंगे।

रायगढ़ के पूर्व सांसद गीते ने यह भी कहा कि उनका शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति कोई गलत मंशा नहीं है और वह चाहते हैं कि यह सफल हो। उन्होंने कहा कि पवार ने कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंपकर अपनी पार्टी बनाई थी। यदि कांग्रेस और राकांपा एक नहीं हो सकते हैं, तो शिवसेना भी पूरी तरह से कांग्रेस की नीति पर नहीं चल सकती। शिवसेना नेता ने कहा कि कांग्रेस और राकांपा के रिश्ते हमेशा सौहार्दपूर्ण नहीं रहे।

25 मई, 1999 को हुआ था एनसीपी का गठन
बता दें कि एनसीपी का गठन 25 मई, 1999 को शरद पवार, पीए संगमा और तारिक अनवर द्वारा किया गया था। इटली में जन्मी सोनिया गांधी के अधिकार पर विवाद करने के बाद इन तीनों नेताओं को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था। बाद में एनसीपी केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकारों का हिस्सा बन गई जिसमें पवार ने कृषि मंत्री के रूप में कार्य किया। महाराष्ट्र में भी कांग्रेस और राकांपा ने 2014 तक सत्ता साझा की थी।

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं गीते
गीते ने 2014 के चुनावों के बाद केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री के रूप में कार्य किया था जब शिवसेना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा थी। 2019 के लोकसभा चुनावों में, वह अपने एनसीपी प्रतिद्वंद्वी सुनील तटकरे से मामूली अंतर से हार गए। तटकरे की बेटी अदिति वर्तमान में एमवीए सरकार में राज्य मंत्री हैं।

विस्तार

पूर्व केंद्रीय मंत्री और शिवसेना नेता अनंत गीते ने मंगलवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने अपनी पार्टी बनाने के लिए कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंपा था, वह शिवसैनिकों के लिए ‘गुरु’ नहीं हो सकते। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की त्रिपक्षीय महाविकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार सिर्फ एक समायोजन है।

सोमवार को अपने गृह क्षेत्र रायगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गीते ने कहा कि शरद पवार कभी हमारे नेता नहीं हो सकते क्योंकि यह सरकार (एमवीए) केवल एक समायोजन है। लोग पवार के लिए जितनी वाहवाही करते हैं, करें, लेकिन हमारे  गुरु दिवंगत बालासाहेब ठाकरे ही हैं। गीते ने कहा कि जब तक यह सरकार चल रही है, तब तक चलती रहेगी..अगर हम अलग हो गए तो हमारा घर शिवसेना है और हम हमेशा अपनी पार्टी के साथ रहेंगे।

रायगढ़ के पूर्व सांसद गीते ने यह भी कहा कि उनका शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति कोई गलत मंशा नहीं है और वह चाहते हैं कि यह सफल हो। उन्होंने कहा कि पवार ने कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंपकर अपनी पार्टी बनाई थी। यदि कांग्रेस और राकांपा एक नहीं हो सकते हैं, तो शिवसेना भी पूरी तरह से कांग्रेस की नीति पर नहीं चल सकती। शिवसेना नेता ने कहा कि कांग्रेस और राकांपा के रिश्ते हमेशा सौहार्दपूर्ण नहीं रहे।

25 मई, 1999 को हुआ था एनसीपी का गठन

बता दें कि एनसीपी का गठन 25 मई, 1999 को शरद पवार, पीए संगमा और तारिक अनवर द्वारा किया गया था। इटली में जन्मी सोनिया गांधी के अधिकार पर विवाद करने के बाद इन तीनों नेताओं को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था। बाद में एनसीपी केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकारों का हिस्सा बन गई जिसमें पवार ने कृषि मंत्री के रूप में कार्य किया। महाराष्ट्र में भी कांग्रेस और राकांपा ने 2014 तक सत्ता साझा की थी।

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं गीते

गीते ने 2014 के चुनावों के बाद केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री के रूप में कार्य किया था जब शिवसेना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा थी। 2019 के लोकसभा चुनावों में, वह अपने एनसीपी प्रतिद्वंद्वी सुनील तटकरे से मामूली अंतर से हार गए। तटकरे की बेटी अदिति वर्तमान में एमवीए सरकार में राज्य मंत्री हैं।

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