Shakir Manzoor Territorial Military Jawan Military Paid Tribute To Martyr – शहीद के पिता की दर्द भरी दास्तां: बेटे की तलाश में रोज फावड़ा लेकर निकलता था, कई कब्रें खोद डालीं, फिर…

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Printed by: प्रशांत कुमार Up to date Fri, 24 Sep 2021 12:23 AM IST

कश्मीर में गुरुवार को सेना ने शहीद जवान शाकिर मंसूर को उनके गांव में श्रद्धांजलि दी। पुलिस को शाकिर मंजूर का शव 13 महीने बाद बुधवार को कुलगाम जिले में मिला था। शाकिर को पिछले वर्ष दो अगस्त को आतंकियों ने अगवा कर लिया था। पुलिस के अनुसार, उसे सूचना मिली थी कि मोहम्मदपोरा इलाके में तिरपाल में लिपटा एक शव पड़ा है। पुलिस वहां पहुंची तो स्थानीय लोगों ने शव शाकिर का होने की आशंका जाहिर की।

पुलिस ने शिनाख्त के लिए जवान के पिता मंजूर अहमद को बुलाया तो उसने दावा किया कि शव उसके बेटे का ही है जो दो अगस्त 2020 को लापता हो गया था। शिनाख्त के बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया था। गौरतलब है कि शाकिर दो अगस्त 2020 की रात घर से अपनी गाड़ी से किसी काम के लिए बाहर निकला था, बाद में वह वापस नहीं लौटा। घर के लोगों ने शाकिर को रात भर ढूंढने की कोशिश की लेकिन कोई पता नही चला। उसकी गाड़ी कुलगाम में एक स्थान पर जली हुई मिली थी।

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