Priyanka Gandhi Points Assertion That Police Is Not Sharing Any Particulars With Congress Leaders In Custody – लखीमपुर हिंसा: प्रियंका का आरोप- पुलिस नहीं दे रही कोई जानकारी, एफआईआर के बारे में भी सोशल मीडिया से पता चला

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अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
Revealed by: प्राची प्रियम
Up to date Tue, 05 Oct 2021 08:28 PM IST

सार

प्रियंका ने कहा कि मैंने सोशल मीडिया पर एक दस्तावेज देखा जिसमें पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें से आठ तो वो लोग हैं जो मेरी गिरफ्तारी के वक्त वहां मौजूद भी नहीं थे। इतना ही नहीं, उन्होंने दो ऐसे लोगों को भी नामजद किया है जो सोमवार को लखनऊ से मेरे कपड़े लेकर आए थे।

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लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद मृतक किसानों के परिजनों से मिलने के लिए निकली प्रियंका गांधी वाड्रा को रास्ते में गिरफ्तार कर लिया गया था। मंगलवार को उन्होंने एक खत जारी कर बताया है कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए अपने ऊपर लगाई धाराओं के बारे में पता चला है। 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार शाम को एक चिट्ठी जारी कर कहा है कि, लखीमपुर खीरी जाते वक्त हिरासत में लेकर मुझे सीतापुर पीएसी परिसर लाया गया। इसके बाद से मुझे किसी तरह की कोई सूचना नहीं दी गई है। न तो बाहर कि परिस्थिति की जानकारी है, न कोई कारण बताया गया और न ही मुझे यह बताया गया है कि मुझपर किन धाराओं के तहत आरोप हैं।

उन्होंने कहा कि मैंने सोशल मीडिया पर एक दस्तावेज देखा जिसमें पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें से आठ तो वो लोग हैं जो मेरी गिरफ्तारी के वक्त वहां मौजूद भी नहीं थे। इतना ही नहीं, उन्होंने दो ऐसे लोगों को भी नामजद किया है जो सोमवार को लखनऊ से मेरे कपड़े लेकर आए थे।

हमें मजिस्ट्रेट के सामने पेश क्यों नहीं किया गया: दिपेंद्र सिंह हुडा
कांग्रेस नेता दिपेंद्र सिंह हुडा ने कहा कि प्रियंका गांधी के साथ ही हम सभी नेता करीब 40 घंटों से सीतापुर पुलिस लाइंस में हिरासत में हैं। किसी को भी हमसे मिलने की अनुमति नहीं है। अगर हम पुलिस हिरासत में हैं तो हमें 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाना चाहिए थे, जो नहीं किया गया।

‘पुलिस नहीं दे रही कोई जानकारी’
हमसे कहा गया था कि हमें आईपीसी की धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया गया है, जिसके तहत पुलिस हमें 24 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता है। हमें मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि हमारे खिलाफ एक एफआईआर भी दर्ज हुई है। लेकिन पुलिस हमें कोई जानकारी नहीं दे रही।

गृह राज्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए: हुडा
तृणमूल कांग्रेस और रालोद के नेताओं को लखीमपुर जाने की अनुमति मिल गई, लेकिन हमें नहीं, जबकि हमारा भी सामान अधिकार बनता है। हमारी मांग है कि एक मौजूदा न्यायाधीश को इस मामले की जांच करनी चाहिए, गृह राज्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए और सभी पीड़ितों के परिजनों को और अधिक वित्तीय सहायता प्रदान की जानी चाहिए।

विस्तार

लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद मृतक किसानों के परिजनों से मिलने के लिए निकली प्रियंका गांधी वाड्रा को रास्ते में गिरफ्तार कर लिया गया था। मंगलवार को उन्होंने एक खत जारी कर बताया है कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए अपने ऊपर लगाई धाराओं के बारे में पता चला है। 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार शाम को एक चिट्ठी जारी कर कहा है कि, लखीमपुर खीरी जाते वक्त हिरासत में लेकर मुझे सीतापुर पीएसी परिसर लाया गया। इसके बाद से मुझे किसी तरह की कोई सूचना नहीं दी गई है। न तो बाहर कि परिस्थिति की जानकारी है, न कोई कारण बताया गया और न ही मुझे यह बताया गया है कि मुझपर किन धाराओं के तहत आरोप हैं।

उन्होंने कहा कि मैंने सोशल मीडिया पर एक दस्तावेज देखा जिसमें पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें से आठ तो वो लोग हैं जो मेरी गिरफ्तारी के वक्त वहां मौजूद भी नहीं थे। इतना ही नहीं, उन्होंने दो ऐसे लोगों को भी नामजद किया है जो सोमवार को लखनऊ से मेरे कपड़े लेकर आए थे।

हमें मजिस्ट्रेट के सामने पेश क्यों नहीं किया गया: दिपेंद्र सिंह हुडा

कांग्रेस नेता दिपेंद्र सिंह हुडा ने कहा कि प्रियंका गांधी के साथ ही हम सभी नेता करीब 40 घंटों से सीतापुर पुलिस लाइंस में हिरासत में हैं। किसी को भी हमसे मिलने की अनुमति नहीं है। अगर हम पुलिस हिरासत में हैं तो हमें 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाना चाहिए थे, जो नहीं किया गया।

‘पुलिस नहीं दे रही कोई जानकारी’

हमसे कहा गया था कि हमें आईपीसी की धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया गया है, जिसके तहत पुलिस हमें 24 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता है। हमें मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि हमारे खिलाफ एक एफआईआर भी दर्ज हुई है। लेकिन पुलिस हमें कोई जानकारी नहीं दे रही।

गृह राज्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए: हुडा

तृणमूल कांग्रेस और रालोद के नेताओं को लखीमपुर जाने की अनुमति मिल गई, लेकिन हमें नहीं, जबकि हमारा भी सामान अधिकार बनता है। हमारी मांग है कि एक मौजूदा न्यायाधीश को इस मामले की जांच करनी चाहिए, गृह राज्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए और सभी पीड़ितों के परिजनों को और अधिक वित्तीय सहायता प्रदान की जानी चाहिए।

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