Pm Modi In Aligarh To Inaugurate New College Know Who Was Raja Mahendra Pratap Singh – Raja Mahendra Pratap Singh: कौन थे राजा महेंद्र प्रताप सिंह, जिनके नाम पर अलीगढ़ में विश्वविद्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे पीएम मोदी

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Revealed by: प्राची प्रियम
Up to date Tue, 14 Sep 2021 12:34 PM IST

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के शिलान्यास समारोह के लिए अलीगढ़ पहुंचे हैं। क्या आप जानते हैं कौन थे राजा महेंद्र प्रताप सिंह जिनके नाम पर बन रहे विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में पीएम मोदी आज अलीगढ़ पहुंचे हैं?

राजा महेंद्र प्रताप सिंह
– फोटो : अमर उजाला

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के शिलान्यास समारोह के लिए अलीगढ़ पहुंचे हैं। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए लाखों की संख्या में लोग इकट्ठे हुए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2019 में जब राज्य स्तरीय इस विश्वविद्यालय की घोषणा की थी तब से ही यह चर्चा में है। लेकिन क्या आप जानते हैं कौन थे राजा महेंद्र प्रताप सिंह जिनके नाम पर बन रहे विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में पीएम मोदी आज अलीगढ़ पहुंचे हैं? आइए जानते हैं राजा महेंद्र प्रताप सिंह और उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातों के बारे में-

कौन थे राजा महेंद्र प्रताप सिंह
राजा महेंद्र प्रताप सिंह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के मुरसान रियासत के राजा थे। जाट परिवार से निकले राजा महेंद्र प्रताप सिंह की गिनती अपने क्षेत्र के पढ़े-लिखे लोगों में होती थी। उन्हें उनकी लेखनी और पत्रकारिता के लिए भी याद किया जाता है। उन्होंने पहले विश्वयुद्ध के दौरान अफगानिस्तान जाकर भारत की पहली निर्वासित सरकार बनाई थी और इसके राष्ट्रपति बने थे।

अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ लड़ा था चुनाव
1957 के आम चुनाव में तो राजा महेंद्र प्रताप ने अटल बिहारी वाजपेयी को करारी शिकस्त दी थी। इन चुनावों में मथुरा लोकसभा सीट से राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में लगभग 4 लाख 23 हजार 432 वोटर थे। जिसमें 55 फीसदी यानि लगभग 2 लाख 34 हजार 190 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। 55 फीसदी वोट उस वक्त पड़ना बड़ी बात होती थी।

इस चुनाव में जीते निर्दलीय प्रत्याशी राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने भारतीय जन संघ पार्टी के उम्मीदवार अटल बिहारी वाजपेयी की जमानत तक जब्त करा दी थी। क्योंकि नियमानुसार कुल वोटों का 1/6 वोट नहीं मिलने पर जमानत राशि जब्त हो जाती है। अटल बिहारी को इस चुनाव में 1/6 से भी कम वोट मिले थे। जबकि राजा महेंद्र प्रताप को सर्वाधिक वोट मिले और वह विजयी हुए थे। इसके बाद राजा ने अलीगढ़ संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा जिसमें उन्हें जनता का जबरदस्त विरोध सहना पड़ा था।

कांग्रेस के साथ शुरूआत से ही नहीं बनती थी बात
जवाहर लाल नेहरू के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान उनकी विदेश नीति में जर्मनी और जापान मित्र देश नहीं रहे थे और राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने इन देशों से मदद मांगकर आजादी की लड़ाई शुरू की थी। ऐसे में राजा महेंद्र प्रताप सिंह को शुरू से ही कांग्रेस में बहुत ज्यादा तरजीह नहीं मिली।

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के शिलान्यास समारोह के लिए अलीगढ़ पहुंचे हैं। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए लाखों की संख्या में लोग इकट्ठे हुए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2019 में जब राज्य स्तरीय इस विश्वविद्यालय की घोषणा की थी तब से ही यह चर्चा में है। लेकिन क्या आप जानते हैं कौन थे राजा महेंद्र प्रताप सिंह जिनके नाम पर बन रहे विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में पीएम मोदी आज अलीगढ़ पहुंचे हैं? आइए जानते हैं राजा महेंद्र प्रताप सिंह और उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातों के बारे में-

कौन थे राजा महेंद्र प्रताप सिंह

राजा महेंद्र प्रताप सिंह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के मुरसान रियासत के राजा थे। जाट परिवार से निकले राजा महेंद्र प्रताप सिंह की गिनती अपने क्षेत्र के पढ़े-लिखे लोगों में होती थी। उन्हें उनकी लेखनी और पत्रकारिता के लिए भी याद किया जाता है। उन्होंने पहले विश्वयुद्ध के दौरान अफगानिस्तान जाकर भारत की पहली निर्वासित सरकार बनाई थी और इसके राष्ट्रपति बने थे।

अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ लड़ा था चुनाव

1957 के आम चुनाव में तो राजा महेंद्र प्रताप ने अटल बिहारी वाजपेयी को करारी शिकस्त दी थी। इन चुनावों में मथुरा लोकसभा सीट से राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में लगभग 4 लाख 23 हजार 432 वोटर थे। जिसमें 55 फीसदी यानि लगभग 2 लाख 34 हजार 190 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। 55 फीसदी वोट उस वक्त पड़ना बड़ी बात होती थी।

इस चुनाव में जीते निर्दलीय प्रत्याशी राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने भारतीय जन संघ पार्टी के उम्मीदवार अटल बिहारी वाजपेयी की जमानत तक जब्त करा दी थी। क्योंकि नियमानुसार कुल वोटों का 1/6 वोट नहीं मिलने पर जमानत राशि जब्त हो जाती है। अटल बिहारी को इस चुनाव में 1/6 से भी कम वोट मिले थे। जबकि राजा महेंद्र प्रताप को सर्वाधिक वोट मिले और वह विजयी हुए थे। इसके बाद राजा ने अलीगढ़ संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा जिसमें उन्हें जनता का जबरदस्त विरोध सहना पड़ा था।

कांग्रेस के साथ शुरूआत से ही नहीं बनती थी बात

जवाहर लाल नेहरू के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान उनकी विदेश नीति में जर्मनी और जापान मित्र देश नहीं रहे थे और राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने इन देशों से मदद मांगकर आजादी की लड़ाई शुरू की थी। ऐसे में राजा महेंद्र प्रताप सिंह को शुरू से ही कांग्रेस में बहुत ज्यादा तरजीह नहीं मिली।

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