Pakistan Authorities Need To Discuss With Ttp For Reconciliation – पाकिस्तान: सताने लगा पश्तून राज का डर, तहरीक-ए-तालिबान से सुलह का रास्ता खोज रहे इमरान खान 

[ad_1]

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Printed by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Up to date Sat, 02 Oct 2021 09:03 AM IST

सार

विदेश मामलों के विशेषज्ञ मादिहा अफजल ने कहा था कि अफगान व पाक तालिबान का आपस में संबंध है ये तो स्पष्ट हो चुका है। इस आधार पर पाक को सतर्क हो जाना चाहिए, क्योंकि अफगानिस्तान में लौटने वाला तालिबान पाकिस्तान की सत्ता भी हिला सकता है, वो भी तब जब उसकी विचारधारा के लड़ाके पाक में पहले से हैं।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)
– फोटो : PTI

ख़बर सुनें

विस्तार

अफगानिस्तान में हथियारों के दम पर हुए सत्ता परिवर्तन के बाद पाकिस्तान को तहरीक-ए-तालिबान(टीटीपी) का डर सताने लगा है। यही कारण है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री टीटीपी के साथ बातचीत के जरिए सुलह के लिए तैयार हो गए हैं। मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में इमरान खान ने खुद कबूला है कि टीटीपी के कुछ संगठनों के साथ उनकी बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि हम सैन्य समाधानों का समर्थन नहीं करते हैं, इसलिए बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की कोशिश जारी है। तहरीक-ए-तालिबान के संगठनों को हथियार छोड़ने के लिए राजी किया जा रहा है, हम चाहते हैं कि वे पाकिस्तान के संविधान का पालन करें। पिछले महीने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने भी कहा था कि हम उन टीटीपी के सदस्यों को माफ करेंगे, जो हथियार छोड़ देंगे। 

विशेषज्ञों ने पहले से ही किया था आगाह

अफगानिस्तान पर तालिबान की जीत की खुशी मना रहे पाकिस्तान को विशेषज्ञों ने पहले ही टीटीपी के खतरे को लेकर आगाह किया था। विशेषज्ञों के मुताबिक तहरीक-ए-तालिबान के लड़ाके अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता परिवर्तन के बाद इस्लामाबाद के लिए खतरा बन सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद टीटीपी ने पाकिस्तान में भी अपनी गतिविधि बढ़ा दी है, जिससे बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। 

चीन के प्रोजेक्ट के लिए खतरा बन रहा टीटीपी

पाकिस्तान में चीन ने बड़ा निवेश किया है। उसके कई प्रोजेक्ट पाकिस्तान में निर्माणाधीन है। एक्सपर्ट का कहना है कि काबुल में तालिबान के सत्ता में आने के बाद टीटीपी का हौसला बढ़ा है। लड़ाकों का यह हौसला पाकिस्तान में चीन के प्रोजेक्टों के लिए खतरा बन सकता है। 

पश्तून राज चाहता है टीटीपी

टीटीपी के नेता मुफ्ती वाली नूर मसूद ने पिछले दिनों एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि वह अफगानिस्तान में सत्ता परिवर्तन से खुश हैं। उम्मीद है कि अफगान तालिबान और टीटीपी के बीच अच्छे संबंध बनेंगे। इसके बाद विशेषज्ञों ने अफगानिस्तान के घटनाक्रम को लेकर चिंता जाहिर की थी। सूत्रों के मुताबिक, टीटीपी के लड़ाके पाकिस्तान में पश्तून राज चाहते हैं। 

[ad_2]

Supply hyperlink

Share on:

नमस्कार दोस्तों, मैं Pinku, HindiMeJabab(हिन्दी में जवाब) का Technical Author & Co-Founder हूँ. Education की बात करूँ तो मैं 10th Pass हूँ. मुझे नयी नयी चीजों को सीखना और दूसरों को सिखाने में बड़ा मज़ा आता है. मेरी आपसे विनती है की आप लोग इसी तरह हमारा सहयोग देते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे.

Leave a Comment