Non-public Airways, Like Non-public Airports, Will Have To Make Provisions To Guarantee That Mps Get The Particular Therapy – सरकार की चिट्ठी: एयरपोर्ट पर सांसदों को नहीं होनी चाहिए कोई दिक्कत, निर्देशों का सही से करें पालन

[ad_1]

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Revealed by: मुकेश कुमार झा
Up to date Tue, 12 Oct 2021 05:39 PM IST

सार

सरकार ने एक बार फिर 21 सितंबर को जारी हुई चिट्ठी का हवाला देते हुए कहा है कि एयरपोर्ट्स पर सांसदों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधितों से अनुरोध किया जाता है कि वे इसका सही से पालन करें। 

ख़बर सुनें

मौजूदा सरकार को उसी बात की चिंता सताने लगी है जो कभी उसके खिलाफ हुआ करती थी। जी हां, हम बात कर रहे हैं एयरपोर्ट और फ्लाइट में सांसदों के वीआईपी ट्रीटमेंट की। दरअसल, एयर इंडिया के निजीकरण के बाद सरकार चाहती है कि एयरपोर्ट और फ्लाइट में सांसदों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जाए। इसके लिए सरकार ने सभी एयरलाइन, एयरपोर्ट ऑपरेटर्स और विमानन सुरक्षा नियामक को एयरपोर्ट पर सांसदों को प्रोटोकॉल, शिष्टाचार और सपोर्ट से संबंधित सुविधा मुहैया करने को कहा है।

एयरपोर्ट्स पर सांसदों को प्रोटोकॉल और शिष्टाचार के संबंध में लापरवाही के कुछ मामले सामने आने के बाद बीते 21 सितंबर में को केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय ने एक पत्र जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि एयरपोर्ट पर सांसदों को प्रोटोकॉल, शिष्टाचार और सहायता देने के लिए समय-समय पर निर्देश जारी किए गए हैं। सभी संबंधितों से अनुरोध किया जाता है कि वे इसका सही से पालन करें।

सरकार द्वारा जारी पत्र में उस प्रोटोकॉल का जिक्र किया गया है, जिसका एयर इंडिया को पालन करना है। हालांकि ये प्रोटोकॉल निजी एयरलाइंस के लिए नहीं था। पत्र के मुताबिक, सीट बुकिंग में सांसदों को प्राथमिकता देनी होगी। इसके अलावा अगर सीट खाली नहीं है, तो बुकिंग रद्द होने पर इसे सबसे पहले सांसद को देना होगा। 

सरकार ने पत्र में ये सुविधाएं देने को कहा

  • सांसद को उसकी पसंद की सीट दी जानी चाहिए।
  • एयरपोर्ट पर मौजूद सीनियर स्टाफ को सांसद के चेक-इन करते समय सुविधा और सहयोग देने को कहा है।
  • सांसदों के लिए आगे वाली लाइन में सीटें आरक्षित करने की कोशिश करनी चाहिए।
  • अगर कोई सांसद एयर इंडिया में यात्रा करने वाला है, तो इसकी जानकारी पहले से संबंधित एयरपोर्ट के अधिकारियों को दी जानी चाहिए, ताकि उनके लिए उचित व्यवस्था की जा सके।
  • एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) और एयरपोर्ट संचालकों को सांसदों को मुफ्त चाय, कॉफी और पानी के साथ लाउंज सुविधा देने को भी कहा है।
  • चेक इन के दौरान सिक्योरिटी चेकिंग के दौरान सांसदों को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए सीआईएसएफ और एयरलाइंस आपस में कोऑर्डिनेट करें।
  • सांसदों के लिए वीआईपी पार्किंग का इंतजाम किया जाना चाहिए। इसके लिए संसद भवन के कार पार्किंग पास को मान्य किया जाना चाहिए।
  • सभी एयरपोर्ट पर एक प्रोटोकॉल अधिकारी नियुक्त करना चाहिए जो सांसदों को विशेष सुविधा दिलाने में मदद करेगा।
     

विस्तार

मौजूदा सरकार को उसी बात की चिंता सताने लगी है जो कभी उसके खिलाफ हुआ करती थी। जी हां, हम बात कर रहे हैं एयरपोर्ट और फ्लाइट में सांसदों के वीआईपी ट्रीटमेंट की। दरअसल, एयर इंडिया के निजीकरण के बाद सरकार चाहती है कि एयरपोर्ट और फ्लाइट में सांसदों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जाए। इसके लिए सरकार ने सभी एयरलाइन, एयरपोर्ट ऑपरेटर्स और विमानन सुरक्षा नियामक को एयरपोर्ट पर सांसदों को प्रोटोकॉल, शिष्टाचार और सपोर्ट से संबंधित सुविधा मुहैया करने को कहा है।

एयरपोर्ट्स पर सांसदों को प्रोटोकॉल और शिष्टाचार के संबंध में लापरवाही के कुछ मामले सामने आने के बाद बीते 21 सितंबर में को केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय ने एक पत्र जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि एयरपोर्ट पर सांसदों को प्रोटोकॉल, शिष्टाचार और सहायता देने के लिए समय-समय पर निर्देश जारी किए गए हैं। सभी संबंधितों से अनुरोध किया जाता है कि वे इसका सही से पालन करें।

सरकार द्वारा जारी पत्र में उस प्रोटोकॉल का जिक्र किया गया है, जिसका एयर इंडिया को पालन करना है। हालांकि ये प्रोटोकॉल निजी एयरलाइंस के लिए नहीं था। पत्र के मुताबिक, सीट बुकिंग में सांसदों को प्राथमिकता देनी होगी। इसके अलावा अगर सीट खाली नहीं है, तो बुकिंग रद्द होने पर इसे सबसे पहले सांसद को देना होगा। 

[ad_2]

Supply hyperlink

Share on:

नमस्कार दोस्तों, मैं Pinku, HindiMeJabab(हिन्दी में जवाब) का Technical Author & Co-Founder हूँ. Education की बात करूँ तो मैं 10th Pass हूँ. मुझे नयी नयी चीजों को सीखना और दूसरों को सिखाने में बड़ा मज़ा आता है. मेरी आपसे विनती है की आप लोग इसी तरह हमारा सहयोग देते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे.

Leave a Comment