New Information Come Out Regarding Renovation Of Jallianwala Bagh Of Amritsar – अमृतसर: जलियांवाला बाग के नवीनीकरण में क्या वाकई बर्बाद हुआ इतिहास, कई लोगों ने दी चौंकाने वाली जानकारी 

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संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 13 Sep 2021 10:29 AM IST

अमृतसर में जलियांवाला बाग के सौंदर्यीकरण में 20 करोड़ रुपये की लागत आई है। अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। शनिवार को अमृतसर में हुई भारी बारिश से इसके गलियारे में पानी खड़ा हो गया और पर्यटकों को उसमें से गुजर कर जाना पड़ा। वहीं रविवार को अमर उजाला ने सौंदर्यीकरण की खामियों को उजागर किया तो कई लोगों ने और भी चौंकाने वाली जानकारियां दीं।

वरिष्ठ पत्रकार शम्मी सरीन ने बताया कि जलियांवाला बाग की शहीदी गैलरी में दशकों से मौजूद स्वतंत्रता सेनानी चौधरी बुग्गा मल और महाशय रतनचंद के चित्रों को भी नवीनीकरण के दौरान हटा दिया गया है। अंग्रेजों के दिलोदिमाग में अमृतसर निवासी चौधरी बुग्गामल का खौफ था। जिसके चलते 13 अप्रैल को हुए नरसंहार में पहले ही उनको घर से उठा लिया गया और फांसी की सजा सुना दी गई थी। पंडित मोतीलाल नेहरू ने खुद चौधरी बुग्गामल की पैरवी की तो उनकी फांसी की सजा को काले पानी की सजा में तब्दील कर दिया गया था। इसी तरह महाशय रतनचंद उस दौर में मारवाड़ी फर्मों के लिए टोटों की दलाली का काम किया करते थे। बाकी समय में वे युवाओं को कसरत करवाया करते थे। इनकी गतिविधियों पर भी ब्रिटिश गवर्नमेंट नजर गड़ाए हुए थी। 10 अप्रैल को डॉ. सैफुद्दीन किचलू तथा डॉ. सत्यपाल की गिरफ्तारी के बाद शहर की स्थिति और बिगड़ गई तो 16 अप्रैल को महाशय रतनचंद को भी गिरफ्तार कर लिया गया।



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