Mea Rejects Remark Of Chinese language Mfa Spokesperson On Galwan Valley Incident Calling In Fault Of China – विवाद: भारत ने खारिज की गलवां घाटी की घटना पर चीन की टिप्पणी, कहा- हमारी स्थिति स्पष्ट

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Revealed by: गौरव पाण्डेय
Up to date Fri, 24 Sep 2021 06:02 PM IST

सार

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने शुक्रवार को गलवां घाटी में हुई घटनाओं को लेकर चीन की टिप्पणी को सिरे से खारिज कर दिया। इसके साथ ही बागची ने चीन को नियमों और समझौतों का पालन करने की नसीहत दी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची
– फोटो : एएनआई (फाइल)

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गलवां घाटी में हुई घटना पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की टिप्पणी पर शुक्रवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रतिक्रिया दी। बागची ने कहा कि हम ऐसे बयानों को सिरे से खारिज करते हैं। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास हुई घटनाओं को लेकर हमारी स्थिति स्पष्ट और स्थायी है। बता दें कि चीन ने पिछले साल जून में गलवां घाटी संघर्ष के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया था। इस संघर्ष में 20 भारतीय और चार चीनी सैनिक मारे गए थे। चीन ने कहा था कि नई दिल्ली ने सीमा संबंधी सभी समझौतों का उल्लंघन किया और चीनी क्षेत्र पर अतिक्रमण किया।

अरिंदम बागची ने कहा कि यह हमारे बीच हुए सभी द्विपक्षीय समझौतों के उल्लंघन में यथास्थिति को बदलने के लिए चीनी पक्ष की ओर से किए गए उत्तेजक व्यवहार और एकतरफा प्रयास थे, जिसके परिणामस्वरूप शांति और व्यवस्था में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हुईं। उन्होंने कहा कि इसका असर हमारे द्विपक्षीय संबंधों पर भी पड़ा है।

हालांकि, इसके साथ ही बागची ने उम्मीद जताई कि पूर्वी लद्दाख में एलएसी से जुड़े अन्य मुद्दों का समाधान करने के लिए चीन सकारात्मक दिशा में काम करेगा और द्विपक्षीय समझौतों का पालन करेगा। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री जयशंकर ने इस महीने की शुरुआत में अपने चीनी समकक्ष के साथ हुई बैठक में भी इस पर जोर दिया था।

विस्तार

गलवां घाटी में हुई घटना पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की टिप्पणी पर शुक्रवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रतिक्रिया दी। बागची ने कहा कि हम ऐसे बयानों को सिरे से खारिज करते हैं। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास हुई घटनाओं को लेकर हमारी स्थिति स्पष्ट और स्थायी है। बता दें कि चीन ने पिछले साल जून में गलवां घाटी संघर्ष के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया था। इस संघर्ष में 20 भारतीय और चार चीनी सैनिक मारे गए थे। चीन ने कहा था कि नई दिल्ली ने सीमा संबंधी सभी समझौतों का उल्लंघन किया और चीनी क्षेत्र पर अतिक्रमण किया।

अरिंदम बागची ने कहा कि यह हमारे बीच हुए सभी द्विपक्षीय समझौतों के उल्लंघन में यथास्थिति को बदलने के लिए चीनी पक्ष की ओर से किए गए उत्तेजक व्यवहार और एकतरफा प्रयास थे, जिसके परिणामस्वरूप शांति और व्यवस्था में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हुईं। उन्होंने कहा कि इसका असर हमारे द्विपक्षीय संबंधों पर भी पड़ा है।

हालांकि, इसके साथ ही बागची ने उम्मीद जताई कि पूर्वी लद्दाख में एलएसी से जुड़े अन्य मुद्दों का समाधान करने के लिए चीन सकारात्मक दिशा में काम करेगा और द्विपक्षीय समझौतों का पालन करेगा। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री जयशंकर ने इस महीने की शुरुआत में अपने चीनी समकक्ष के साथ हुई बैठक में भी इस पर जोर दिया था।

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