Mahant Narendra Giri Full Suicide Be aware Accused Anand Giri To Defame With Photograph Of A Girl Information And Updates – महंत नरेंद्र गिरि का सुसाइड नोट: 14 बार आनंद गिरि का जिक्र, लिखा- मैं बदनाम हो जाऊंगा, सच्चाई तो बाद में पता चलेगी

[ad_1]

सार

Narendra Giri’s suicide observe: निरंजनी अखाड़े के महंत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की मौत के एक दिन बाद उनका सुसाइड नोट सामने आया है। आखिर 11 पन्नों में दिवंगत महंत ने क्या बातें लिखी हैं?

महंत नरेंद्र गिरि का सुसाइड नोट
– फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

प्रयागराज में बाघंबरी गद्दी मठ के गेस्ट हाउस में मंगलवार को महंत नरेंद्र गिरि का शव मिला था। उनके शिष्यों के मुताबिक, महंत का शव फंदे पर लटका मिला था। एक दिन बाद उनका लिखा 11 पेज का सुसाइड नोट सामने आया है। इसमें महंत नरेंद्र गिरि ने बताया है कि आखिर किन कारणों से वे आत्महत्या करने को मजबूर हुए और अपने इस कदम के पीछे वे किसे जिम्मेदार मानते हैं।

महंत नरेंद्र गिरि के लिखे सुसाइड नोट में सात बार आत्महत्या शब्द का जिक्र है। उन्होंने लिखा है, ”मैं महंत नरेंद्र गिरि वैसे तो 13 सितंबर 2021 को आत्महत्या करने जा रहा था, लेकिन हिम्मत नहीं कर पाया। आज जब हरिद्वार से सूचना मिली कि एक-दो दिन में आनंद गिरि कम्प्यूटर के माध्यम से मोबाइल से किसी लड़की या महिला के गलत काम करते हुए मेरी फोटो लगाकर फोटो वायरल कर देगा तो मैंने सोचा कहां-कहां सफाई दूंगा, एक बार तो बदनाम हो जाऊंगा। सच्चाई तो लोगों को बाद में पता चल जाएगी, लेकिन मेरा नाम बदनाम हो जाएगा।”

उन्होंने लिखा, ”…मैं पहले ही आत्महत्या करने जा रहा था, लेकिन हिम्मत नहीं कर पा रहा था। आज मैं हिम्मत हार गया और आत्महत्या कर रहा हूं। प्रयागराज के सभी पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों से अनुरोध करता हूं कि मेरी आत्महत्या के जिम्मेदार उपरोक्त लोगों पर कार्रवाई की जाए, जिससे मेरी आत्मा को शांति मिले।”

इस सुसाइड नोट में महंत नरेंद्र गिरि ने आनंद गिरि के साथ आद्या प्रसाद तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी का जिक्र किया है। हालांकि, आनंद गिरि का जिक्र सबसे ज्यादा 14 बार किया है। उन्होंने लिखा, ”जबसे आनंद गिरि ने मेरे ऊपर असत्य, मिथ्या, मनगढ़ंत आरोप लगाया, तब से मैं मानसिक दबाव में जी रहा हूं। जब भी मैं एकांत में रहता हूं, मर जाने की इच्छा होती है।”

  • ‘आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी ने मिलकर मेरे साथ विश्वासघात किया। जान से मारने का प्रयास किया।’
  • ‘सोशल मीडिया, फेसबुक और समाचार पत्रों में आनंद गिरि ने मेरे चरित्र के ऊपर मनगढ़ंत आरोप लगाए। मैं मरने जा रहा हूं।’
  • ‘आनंद गिरि द्वारा जो भी आरोप लगाए गए, उससे मेरी और मठ-मंदिर की बदनामी हुई। मैं बहुत आहत हूं। मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं।’
  • ‘मेरे मरने की सम्पूर्ण जिम्मेदार आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी, जो मंदिर में पुजारी है, आद्या प्रसाद तिवारी का बेटा संदीप तिवारी की होगी।’ 
  • ‘मैं समाज में हमेशा शान से जिया, लेकिन आनंद गिरि मुझे गलत तरीके से बदनाम किया।’
  • ‘एक ऑडियो कैसेट आनंद गिरि ने जारी किया था, उससे मेरी बदनामी हुई। आज मैं हिम्मत हार गया और आत्महत्या कर रहा हूं।’

सुसाइड नोट देखकर लगता है कि इसे लिखने में दो अलग-अलग पेन का इस्तेमाल किया गया है। वहीं, 11 में से 10 पन्नों में तो उन्होंने आखिर में ‘महंत नरेन्द्र गिरि’ लिखकर दस्तखत किए हैं, लेकिन एक पन्ने के आखिर में उन्होंने ‘म नरेन्द्र गिरि’ लिखा है। पुलिस इस सुसाइड नोट की लिखावट की जांच कर रही है।

विस्तार

प्रयागराज में बाघंबरी गद्दी मठ के गेस्ट हाउस में मंगलवार को महंत नरेंद्र गिरि का शव मिला था। उनके शिष्यों के मुताबिक, महंत का शव फंदे पर लटका मिला था। एक दिन बाद उनका लिखा 11 पेज का सुसाइड नोट सामने आया है। इसमें महंत नरेंद्र गिरि ने बताया है कि आखिर किन कारणों से वे आत्महत्या करने को मजबूर हुए और अपने इस कदम के पीछे वे किसे जिम्मेदार मानते हैं।


आगे पढ़ें

सात बार आत्महत्या का जिक्र

[ad_2]

Supply hyperlink

Share on:

नमस्कार दोस्तों, मैं Pinku, HindiMeJabab(हिन्दी में जवाब) का Technical Author & Co-Founder हूँ. Education की बात करूँ तो मैं 10th Pass हूँ. मुझे नयी नयी चीजों को सीखना और दूसरों को सिखाने में बड़ा मज़ा आता है. मेरी आपसे विनती है की आप लोग इसी तरह हमारा सहयोग देते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे.

Leave a Comment