Enforcement Directorate Attaches Property Price 4.79 Crores Rupees Of Former Director Of Amrapali Group – प्रवर्तन निदेशालय : आम्रपाली ग्रुप के पूर्व निदेशक पर कसा शिकंजा, 4.79 करोड़ रुपये की संपत्ति की अटैच

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एजेंसी, नई दिल्ली
Printed by: Kuldeep Singh
Up to date Tue, 14 Sep 2021 12:38 AM IST

सार

ईडी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि आम्रपाली ग्रुप के पूर्व निदेशक प्रेम मिश्रा की अवैध संपत्ति को अटैच कर लिया गया है। कंपनी ने घर खरीदारों का पैसा नकली चालान, बिल और फर्जी लेनदेन की मदद से ठिकाने लगाया था।
 

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि आम्रपाली ग्रुप के पूर्व निदेशक की 4.79 करोड़ की संपत्ति अटैच कर ली गई है और ईडी घर खरीदारों के पैसे को फर्जी कंपनियों के जरिए दूसरी जगह ठिकाने लगाने की जांच में जुटी है। 

ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने जस्टिस यूयू ललित और अजय रस्तोगी की पीठ को बताया कि अटैच संपत्तियां प्रेम मिश्रा की अवैध आय का हिस्सा थीं। कंपनी ने घर खरीदारों का पैसा नकली चालान, बिल और फर्जी लेनदेन की मदद से ठिकाने लगाया था।

अदालत द्वारा नियुक्त फॉरेंसिक ऑडिटर पवन कुमार अग्रवाल ने ईडी के दावों पर सवाल किया और कहा कि प्रेम मिश्रा के खिलाफ 10.26 करोड़ रुपये बकाया थे और इसे फॉरेंसिक ऑडिट के फैसले में दर्ज किया गया है।

शीर्ष अदालत ने जैन को ईडी की स्थिति रिपोर्ट की प्रति के साथ ही अटैच करने के आदेश की एक प्रति फॉरेंसिक ऑडिटर को उपलब्ध कराने को कहा ताकि वह विवरणों को शामिल करते हुए इस सप्ताह रिपोर्ट दे सकें।

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि आम्रपाली ग्रुप के पूर्व निदेशक की 4.79 करोड़ की संपत्ति अटैच कर ली गई है और ईडी घर खरीदारों के पैसे को फर्जी कंपनियों के जरिए दूसरी जगह ठिकाने लगाने की जांच में जुटी है। 

ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने जस्टिस यूयू ललित और अजय रस्तोगी की पीठ को बताया कि अटैच संपत्तियां प्रेम मिश्रा की अवैध आय का हिस्सा थीं। कंपनी ने घर खरीदारों का पैसा नकली चालान, बिल और फर्जी लेनदेन की मदद से ठिकाने लगाया था।

अदालत द्वारा नियुक्त फॉरेंसिक ऑडिटर पवन कुमार अग्रवाल ने ईडी के दावों पर सवाल किया और कहा कि प्रेम मिश्रा के खिलाफ 10.26 करोड़ रुपये बकाया थे और इसे फॉरेंसिक ऑडिट के फैसले में दर्ज किया गया है।

शीर्ष अदालत ने जैन को ईडी की स्थिति रिपोर्ट की प्रति के साथ ही अटैच करने के आदेश की एक प्रति फॉरेंसिक ऑडिटर को उपलब्ध कराने को कहा ताकि वह विवरणों को शामिल करते हुए इस सप्ताह रिपोर्ट दे सकें।



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