Delhi Aiims Medical doctors Will Be Transferred – सुधार की कवायद : दिल्ली एम्स के डॉक्टरों का होगा ट्रांसफर, राष्ट्रीय स्तर पर बनेगी रिसर्च टीम

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परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Revealed by: दुष्यंत शर्मा
Up to date Solar, 26 Sep 2021 05:51 AM IST

सार

देश भर के 22 एम्स को लेकर केंद्र सरकार बना रही है योजना। इसी के तहत सालों से प्रशासनिक कुर्सियों पर बैठे डॉक्टरों की बन रही है सूची। एम्स के 66वें स्थापना दिवस पर स्वास्थ्य मंत्री ने संकेत में कही मन की बात।

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दिल्ली एम्स की तर्ज पर बाकी 22 एम्स को बेहतर चिकित्सीय सेवाएं देने लायक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नई योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत सरकार सबसे पहले दिल्ली एम्स के डॉक्टरों का ट्रांसर्फर करने जा रही है जो अन्य एम्स में जाकर वहां दिल्ली जैसी सेवाएं विकसित करेंगे। साथ ही वहां की फैकल्टी को दिल्ली एम्स बुलाया जाएगा। इनके अलावा सभी एम्स को लेकर एक रिसर्च टीम भी तैयार होगी जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय अनुसंधान को बढ़ावा देने पर काम करेगी। दिल्ली एम्स को आदर्श मॉडल रखते हुए सरकार ने उत्तर प्रदेश, बिहार, ओड़िशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ इत्यादि राज्यों में खुल रहे 22 एम्स को एक साथ लाने की योजना बनाई है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार आगामी दिनों में एम्स को लेकर सरकार कई अहम बदलाव करने जा रही है जिनमें से एक डॉक्टरों का ट्रांसर्फर भी है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से सलाह लेने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने आगामी वर्ष 2024 से पहले राज्यवार एम्स को बेहतर बनाने की योजना पर जोर देना शुरू कर दिया है। 

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देश भर के एम्स को लेकर नए बदलावों पर तैयारी काफी तेजी से चल रही है। इन संस्थानों के बीच न सिर्फ डॉक्टर व चिकित्सीय छात्रों का आवागमन रहेगा बल्कि यहां चिकित्सीय अनुसंधान को लेकर भी खास ध्यान दिया जाएगा। हर विभाग के एक वरिष्ठ डॉक्टर का चयन होगा और उसकी निगरानी में संबंधित विभाग से जुड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के अध्ययन किए जाएंगें। 

बहरहाल सरकार के इन नए बदलावों की खबर एम्स के डॉक्टरों को भी लग चुकी है जिसके बाद डॉक्टरों में कई तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं। शनिवार को दिल्ली एम्स के 66वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया भी मौजूद थे। यहां उन्होंने संकेत में इन नए बदलावों के बारे में डॉक्टरों को जानकारी दी। साथ ही उन्हें धैर्य व मरीजों के प्रति उदार रवैया अपनाने का पाठ भी पढ़ाया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सिर्फ दिल्ली ही नहीं सरकार हर राज्य में एम्स की सेवाएं देना चाहती है। इसलिए दिल्ली से दूसरे एम्स में जाकर अनुभव साझा करने, वहां से दिल्ली एम्स आकर अनुभव लेने और भावी डॉक्टरों की इंटर्नशिप के लिए एक से दूसरे एम्स जाकर सेवाएं देनी चाहिए। 

अस्पतालों में बाउंसर देख मन होता दुखी
स्थापना दिवस के कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वे तीन बार एम्स का बगैर किसी को बताए दौरा कर चुके हैं। इससे पहले सफदरजंग अस्पताल में भी उन्होंने निरीक्षण किया था जहां सुरक्षा गार्ड ने उन्हें डंडा तक मार दिया था। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पतालों में बाउंसर को देख मन दुखी होता है। कोई भी मरीज अस्पताल झगड़ा करने नहीं जाता है। उन्हें गुस्सा आता है क्योंकि मरीज को इलाज नहीं मिल पाता। अगर इलाज मिलेगा तो कोई क्यों झगड़ा करेगा? इसलिए एम्स के डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मचारी और अन्य स्टाफ से स्वास्थ्य मंत्री ने अपने व्यवहार में बदलाव की अपील की है। 

मेरा मरीज ही ईश्वर : स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हर डॉक्टर के मन में यह भाव होना चाहिए कि मेरा मरीज ही ईश्वर है। हम मरीज को कल या परसो आने की सलाह देते हैं लेकिन डॉक्टर को आज ही इलाज करने पर ध्यान देना चाहिए। शासन कार्यवाही कर सकता है लेकिन धैर्य नहीं दे सकता। धैर्य स्वयं में ही पैदा हो सकता है। अगर अंडा को तोड़ दो तो एक जीवन नष्ट हो जाता है लेकिन अंडा स्वयं टूटता है तो एक जीव अंदर से पैदा होकर बाहर आता है। परिवर्तन हमसे शुरू होना चाहिए और हमारे धैर्य से यह बदलाव झलकना भी चाहिए। 

विस्तार

दिल्ली एम्स की तर्ज पर बाकी 22 एम्स को बेहतर चिकित्सीय सेवाएं देने लायक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नई योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत सरकार सबसे पहले दिल्ली एम्स के डॉक्टरों का ट्रांसर्फर करने जा रही है जो अन्य एम्स में जाकर वहां दिल्ली जैसी सेवाएं विकसित करेंगे। साथ ही वहां की फैकल्टी को दिल्ली एम्स बुलाया जाएगा। इनके अलावा सभी एम्स को लेकर एक रिसर्च टीम भी तैयार होगी जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय अनुसंधान को बढ़ावा देने पर काम करेगी। दिल्ली एम्स को आदर्श मॉडल रखते हुए सरकार ने उत्तर प्रदेश, बिहार, ओड़िशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ इत्यादि राज्यों में खुल रहे 22 एम्स को एक साथ लाने की योजना बनाई है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार आगामी दिनों में एम्स को लेकर सरकार कई अहम बदलाव करने जा रही है जिनमें से एक डॉक्टरों का ट्रांसर्फर भी है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से सलाह लेने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने आगामी वर्ष 2024 से पहले राज्यवार एम्स को बेहतर बनाने की योजना पर जोर देना शुरू कर दिया है। 

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देश भर के एम्स को लेकर नए बदलावों पर तैयारी काफी तेजी से चल रही है। इन संस्थानों के बीच न सिर्फ डॉक्टर व चिकित्सीय छात्रों का आवागमन रहेगा बल्कि यहां चिकित्सीय अनुसंधान को लेकर भी खास ध्यान दिया जाएगा। हर विभाग के एक वरिष्ठ डॉक्टर का चयन होगा और उसकी निगरानी में संबंधित विभाग से जुड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के अध्ययन किए जाएंगें। 

बहरहाल सरकार के इन नए बदलावों की खबर एम्स के डॉक्टरों को भी लग चुकी है जिसके बाद डॉक्टरों में कई तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं। शनिवार को दिल्ली एम्स के 66वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया भी मौजूद थे। यहां उन्होंने संकेत में इन नए बदलावों के बारे में डॉक्टरों को जानकारी दी। साथ ही उन्हें धैर्य व मरीजों के प्रति उदार रवैया अपनाने का पाठ भी पढ़ाया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सिर्फ दिल्ली ही नहीं सरकार हर राज्य में एम्स की सेवाएं देना चाहती है। इसलिए दिल्ली से दूसरे एम्स में जाकर अनुभव साझा करने, वहां से दिल्ली एम्स आकर अनुभव लेने और भावी डॉक्टरों की इंटर्नशिप के लिए एक से दूसरे एम्स जाकर सेवाएं देनी चाहिए। 

अस्पतालों में बाउंसर देख मन होता दुखी

स्थापना दिवस के कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वे तीन बार एम्स का बगैर किसी को बताए दौरा कर चुके हैं। इससे पहले सफदरजंग अस्पताल में भी उन्होंने निरीक्षण किया था जहां सुरक्षा गार्ड ने उन्हें डंडा तक मार दिया था। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पतालों में बाउंसर को देख मन दुखी होता है। कोई भी मरीज अस्पताल झगड़ा करने नहीं जाता है। उन्हें गुस्सा आता है क्योंकि मरीज को इलाज नहीं मिल पाता। अगर इलाज मिलेगा तो कोई क्यों झगड़ा करेगा? इसलिए एम्स के डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मचारी और अन्य स्टाफ से स्वास्थ्य मंत्री ने अपने व्यवहार में बदलाव की अपील की है। 

मेरा मरीज ही ईश्वर : स्वास्थ्य मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हर डॉक्टर के मन में यह भाव होना चाहिए कि मेरा मरीज ही ईश्वर है। हम मरीज को कल या परसो आने की सलाह देते हैं लेकिन डॉक्टर को आज ही इलाज करने पर ध्यान देना चाहिए। शासन कार्यवाही कर सकता है लेकिन धैर्य नहीं दे सकता। धैर्य स्वयं में ही पैदा हो सकता है। अगर अंडा को तोड़ दो तो एक जीवन नष्ट हो जाता है लेकिन अंडा स्वयं टूटता है तो एक जीव अंदर से पैदा होकर बाहर आता है। परिवर्तन हमसे शुरू होना चाहिए और हमारे धैर्य से यह बदलाव झलकना भी चाहिए। 

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