Corona Pandemic Battle With Restricted Quantity And Much less Skilled Well being Employees Who Additionally Warned On Nurse-doctor Ratio – कोरोना: सीमित संख्या व कम प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों के साथ महामारी से हो रही जंग, डब्ल्यूएचओ ने भी चेताया

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अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Revealed by: देव कश्यप
Up to date Wed, 22 Sep 2021 02:47 AM IST

सार

नर्स और डॉक्टर के बीच अनुपात 1.7:1 है। जबकि इंडियन हाईलेवल एक्सपर्ट ग्रुप की सिफारिश के मुताबिक यह अनुपात 3:1 होना चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि विकसित देशों में प्रति डॉक्टर नर्स की संख्या करीब तीन से चार है लेकिन भारत में यह स्थिति काफी कमजोर है।

सांकेतिक चित्र
– फोटो : सोशल मीडिया

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देश में सीमित संख्या और कम प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारियों के सहारे महामारी से जंग जारी है। हाल ही में एक अध्ययन में पता चला है कि देश में नर्स, प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मचारियों के अलावा डॉक्टरों की भी काफी कमी है।

नर्स और डॉक्टर के बीच अनुपात 1.7:1 है। जबकि इंडियन हाईलेवल एक्सपर्ट ग्रुप की सिफारिश के मुताबिक यह अनुपात 3:1 होना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पीएचएफआई) की इस रिपोर्ट के अनुसार यदि स्वास्थ्य कर्मचारियों की योग्यता पर ध्यान दिया जाए तो यह अंतर और अधिक बढ़ जाता है क्योंकि भारत में योग्य न होने के बाद भी इनकी प्रैक्टिस चल रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि विकसित देशों में प्रति डॉक्टर नर्स की संख्या करीब तीन से चार है लेकिन भारत में यह स्थिति काफी कमजोर है। 15वीं वित्त आयोग की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 670 लोगों की आबादी पर केवल एक नर्स तैनात है। जबकि डब्ल्यूएचओ के अनुसार अधिकतम 300 लोगों पर एक नर्स होना जरूरी है। हालांकि देश के कुछ राज्यों में डॉक्टरों की संख्या ज्यादा है तो कुछ राज्यों में नर्स अधिक हैं। 

कहां कैसा अनुपात 
नर्स और डॉक्टर का अनुपात पंजाब (6.4:1) और दिल्ली (4.5:1) में ऊपर है। बिहार, जम्मू और कश्मीर और मध्यप्रदेश में प्रति डॉक्टर एक से कम नर्स हैं। केरल में भी जहां नर्सों की संख्या बहुत अधिक है, नर्स और डॉक्टर का अनुपात 1:1 से कम था। इसी तरह एलाइड हेल्थकेयर्स के मामले में हिमाचल प्रदेश में प्रति एलोपैथिक डॉक्टर पर पांच से अधिक एलाइड हेल्थकेयर हैं। लेकिन बिहार में प्रति डॉक्टर 0.1 एलाइड हेल्थकेयर तैनात हैं। दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे कुछ राज्यों में नर्स-डॉक्टर का अनुपात अधिक है, लेकिन यहां प्रति 10,000 व्यक्तियों पर डॉक्टर की संख्या कम है। 

स्वास्थ्य क्षेत्र के मानव संसाधन में सुधार की जरूरत 
रिपोर्ट में कहा गया कि भारत को स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन सुधारने के लिए निवेश करना चाहिए। स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या बढ़ानी होगी। साथ ही अनुभवी और कुशल कामगारों का अनुपात भी सुधारना होगा। इसके लिए चिकित्सा के प्रोफेशनल कॉलेज और तकनीकी शिक्षा में निवेश बढ़ाना होगा। 

विस्तार

देश में सीमित संख्या और कम प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारियों के सहारे महामारी से जंग जारी है। हाल ही में एक अध्ययन में पता चला है कि देश में नर्स, प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मचारियों के अलावा डॉक्टरों की भी काफी कमी है।

नर्स और डॉक्टर के बीच अनुपात 1.7:1 है। जबकि इंडियन हाईलेवल एक्सपर्ट ग्रुप की सिफारिश के मुताबिक यह अनुपात 3:1 होना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पीएचएफआई) की इस रिपोर्ट के अनुसार यदि स्वास्थ्य कर्मचारियों की योग्यता पर ध्यान दिया जाए तो यह अंतर और अधिक बढ़ जाता है क्योंकि भारत में योग्य न होने के बाद भी इनकी प्रैक्टिस चल रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि विकसित देशों में प्रति डॉक्टर नर्स की संख्या करीब तीन से चार है लेकिन भारत में यह स्थिति काफी कमजोर है। 15वीं वित्त आयोग की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 670 लोगों की आबादी पर केवल एक नर्स तैनात है। जबकि डब्ल्यूएचओ के अनुसार अधिकतम 300 लोगों पर एक नर्स होना जरूरी है। हालांकि देश के कुछ राज्यों में डॉक्टरों की संख्या ज्यादा है तो कुछ राज्यों में नर्स अधिक हैं। 

कहां कैसा अनुपात 

नर्स और डॉक्टर का अनुपात पंजाब (6.4:1) और दिल्ली (4.5:1) में ऊपर है। बिहार, जम्मू और कश्मीर और मध्यप्रदेश में प्रति डॉक्टर एक से कम नर्स हैं। केरल में भी जहां नर्सों की संख्या बहुत अधिक है, नर्स और डॉक्टर का अनुपात 1:1 से कम था। इसी तरह एलाइड हेल्थकेयर्स के मामले में हिमाचल प्रदेश में प्रति एलोपैथिक डॉक्टर पर पांच से अधिक एलाइड हेल्थकेयर हैं। लेकिन बिहार में प्रति डॉक्टर 0.1 एलाइड हेल्थकेयर तैनात हैं। दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे कुछ राज्यों में नर्स-डॉक्टर का अनुपात अधिक है, लेकिन यहां प्रति 10,000 व्यक्तियों पर डॉक्टर की संख्या कम है। 

स्वास्थ्य क्षेत्र के मानव संसाधन में सुधार की जरूरत 

रिपोर्ट में कहा गया कि भारत को स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन सुधारने के लिए निवेश करना चाहिए। स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या बढ़ानी होगी। साथ ही अनुभवी और कुशल कामगारों का अनुपात भी सुधारना होगा। इसके लिए चिकित्सा के प्रोफेशनल कॉलेज और तकनीकी शिक्षा में निवेश बढ़ाना होगा। 

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