Bihar: Pitrupaksha Honest Will Not Be Organized In Gaya For The Second Consecutive Yr, Individuals Coming From Exterior Will Have To Endure Corona Take a look at – बिहार: गया में लगातार दूसरे साल पितृपक्ष मेले का आयोजन नहीं होगा, बाहर से आने वालों के लिए कोरोना टेस्ट अनिवार्य

0
2


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Revealed by: स्वप्निल शशांक
Up to date Tue, 14 Sep 2021 03:15 PM IST

सार

कोरोना के चलते ये फैसला लिया गया है। पिछले साल भी मेले का आयोजन नहीं किया गया था। प्रशासन ने बाहर से आने वाले लोगों को नहीं आने की अपील की है।

बाहर से गया आने वाले लोगों को कोरोना टेस्ट कराना होगा।
– फोटो : सोशल मीडिया

ख़बर सुनें

बिहार में कोरोना महामारी को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। गया में होने वाले पितृपक्ष मेले के आयोजन पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। पिछले साल भी मेले का आयोजन नहीं किया गया था। इसके साथ ही प्रशासन ने कोरोना के खतरे को देखते हुए दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को इससे परहेज करने की अपील की है। 

गया जिला प्रशासन ने बाहर से आने वाले लोगों के लिए कोरोना टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। साथ ही लोगों के बड़े समूह में आने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, जो पिंडदानी सीमित संख्या में आ रहे हैं, उन्हें पिंडदान की अनुमति दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि जिन्होंने कोरोना का टीका नहीं लगवाया है, उनका टीकाकरण भी किया जाएगा।

सीमित संख्या में आ रहे लोगों को मिलेगी अनुमति
इसके अलावा अलग से किसी के भी रहने की कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई है। प्रशासन के इस फैसले से पंडा समाज और लोगों में संतुष्टि भी देखी जा रही है। उनका कहना है कि सीमित संख्या में आ रहे लोगों के पिंडदान के वक्त कोरोना प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जाएगा। गृह विभाग ने सभी को यह दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

मेले में देश-विदेश से श्रद्धालु गया पहुंचते हैं
यह लगातार दूसरी बार है जब कोरोना के चलते इस मेले का आयोजन रद्द किया गया है। गया में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पितरों के आशीर्वाद के लिए पिंडदान और तर्पण करते हैं। धार्मिक ग्रंथों में ऐसा कहा गया है कि गयाजी में साक्षात भगवान विष्णु का दर्शन करके मानव सभी ऋणों से मुक्त हो जाता है। 

विस्तार

बिहार में कोरोना महामारी को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। गया में होने वाले पितृपक्ष मेले के आयोजन पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। पिछले साल भी मेले का आयोजन नहीं किया गया था। इसके साथ ही प्रशासन ने कोरोना के खतरे को देखते हुए दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को इससे परहेज करने की अपील की है। 

गया जिला प्रशासन ने बाहर से आने वाले लोगों के लिए कोरोना टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। साथ ही लोगों के बड़े समूह में आने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, जो पिंडदानी सीमित संख्या में आ रहे हैं, उन्हें पिंडदान की अनुमति दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि जिन्होंने कोरोना का टीका नहीं लगवाया है, उनका टीकाकरण भी किया जाएगा।

सीमित संख्या में आ रहे लोगों को मिलेगी अनुमति

इसके अलावा अलग से किसी के भी रहने की कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई है। प्रशासन के इस फैसले से पंडा समाज और लोगों में संतुष्टि भी देखी जा रही है। उनका कहना है कि सीमित संख्या में आ रहे लोगों के पिंडदान के वक्त कोरोना प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जाएगा। गृह विभाग ने सभी को यह दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

मेले में देश-विदेश से श्रद्धालु गया पहुंचते हैं

यह लगातार दूसरी बार है जब कोरोना के चलते इस मेले का आयोजन रद्द किया गया है। गया में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पितरों के आशीर्वाद के लिए पिंडदान और तर्पण करते हैं। धार्मिक ग्रंथों में ऐसा कहा गया है कि गयाजी में साक्षात भगवान विष्णु का दर्शन करके मानव सभी ऋणों से मुक्त हो जाता है। 



Supply hyperlink

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here