Archaeologists Group Will Quickly Begin Digging At World Heritage Web site Rakhigarhi Of Hisar – विश्व पर्यटन दिवस: शीशे में रखकर सहेजे जाएंगे हड़प्पा काल के तंदूर और बर्तन, राखीगढ़ी में दोबारा शुरू होगी खोदाई

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अमरनाथ, अमर उजाला, राखीगढ़ी/हिसार (हरियाणा) Revealed by: निवेदिता वर्मा Up to date Mon, 27 Sep 2021 12:10 PM IST

आइकोनिक साइट के रूप में मशहूर हिसार के विश्व विरासत स्थल राखीगढ़ी में पुरातत्वविदों की टीम एक बार फिर मानव विकास की यात्रा में नया अध्याय जोड़ने जा रही है। करीब 5000 साल पहले दृषद्वती नदी के किनारे बसे व्यापारिक नगर राखीगढ़ी की पुरावशेषों को शीशे में रखकर हवा और पानी से सुरक्षित करने के साथ पर्यटकों के लिए प्रदर्शित करने की तैयारी है। इनमें तंदूर, मटके, मिट्टी के बर्तन, चूल्हे, ईटें, दीवारें, खिलौने, परिष्कृत भट्ठी आदि शामिल हैं। मौसम ठीक होते ही भारतीय पुरातत्व विभाग के डिप्टी डीजी संजय मुंजाल के निर्देशन में टीम टीले को फिर से खोदने में जुटेगी। 

जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर ऐतिहासिक स्थल राखीगढ़ी में ग्रेटर नोएडा से आई पुरातत्वविदों की टीम में शामिल डा. विजय बताते हैं कि बारिश ने भले ही अब तक खोदाई में खलल डाला हो, लेकिन मौसम ठीक होने के साथ निर्देश मिलते ही प्रोजेक्ट की रूपरेखा के मुताबिक टीम फिर से काम में जुट जाएगी। इस स्थल की चौथी बार खोदाई शुरू होने वाली है। पुरास्थल के टीला नंबर एक से मिट्टी की परतें हटाने के बाद लोगों को तंदूर समेत अन्य ऐतिहासिक वस्तुएं देखने को मिलेंगी। खुदाई में मिली वस्तुओं को सहेजने और सुरक्षित रखने के लिए पुरातत्वविदों की टीम मौका मुआयना करेगी। पुरातत्व विभाग के पास राखीगढ़ी में इस समय 90 एकड़ जमीन है और 9 टीले हैं। टीला नंबर एक के बाद बाकी टीलों की भी खोदाई होनी है। इसमें करीब चार साल का समय लगेगा।

 

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