Anand Giri Says, Narendra Giri Has Been Murdered, I Might Additionally Be Murdered – आनंद गिरि का सनसनीखेज दावा: नरेंद्र गिरि की हत्या हुई है, मेरा भी हो सकता है कत्ल 

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Printed by: Amit Mandal
Up to date Mon, 20 Sep 2021 09:33 PM IST

सार

नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के बाद आनंद गिरि ने कई सनसनीखेज दावे किए हैं। आनंद गिरी ने कहा कि असली दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। वे मेरी भी हत्या करवा सकते हैं। जानिए और क्या-क्या कहा आनंद गिरी ने। 

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अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपों में घिरे उनके शिष्य आनंद गिरि का बयान सामने आया है। आनंद गिरि ने कहा कि उन्होंने आत्महत्या नहीं की है, उनकी हत्या की गई है। गुरुजी ऐसा नहीं कर सकते, उन्हें मारा गया है और मुझे फंसाने की कोशिश हो रही है। 

हिरासत में लिए जाने से पहले एक न्यूज चैनल से बात करते हुए आनंद गिरि ने कहा कि गुरुजी साजिश का शिकार हुए हैं, असली दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। वे मेरी भी हत्या करवा सकते हैं। आनंद गिरी ने कहा कि गुरुजी ने कभी अपने हाथ से पत्र ही नहीं लिखा था, वो इतना लंबा पत्र लिख ही नहीं सकते। 

आनंद गिरि ने कहा कि मैं हर जांच के लिए तैयार हूं, भाग नहीं रहा हूं, अगर दोषी हूं तो मुझे जरूर सजा मिले। आनंद गिरि ने कुछ लोगों पर उंगली उठाते हुए कहा कि उनके कुछ शिष्यों के पास 5-5 करोड़ के बंगले तक हैं, आखिर ये कहां से आया। 

बताया जा रहा है कि कथित सुसाइड नोट में आनंद गिरि के अलावा दो और लोगों के नाम हैं। इस नोट को वसीयतनामा के रूप में लिखा गया है। 

नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत 
बता दें कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उन्होंने फांसी लगाकर खुदकुशी की है। उनका शव अल्लापुर स्थित बाघंबरी मठ स्थित उनके आवास में मिला। उनका शव पंखे में लिपटा हुआ मिला था। शिष्यों ने रस्सी काटकर उनका शव नीचे उतारा। 

इसकी सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। पुलिस ने सूचना मिलते ही मठ को सीज कर दिया। जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस के मुताबिक यहां से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है जिसमें उन्होंने अपने शिष्य आनंद गिरि पर परेशान करने का आरोप लगाया है। ये पत्र 6-7 पन्नों का है।  

विस्तार

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपों में घिरे उनके शिष्य आनंद गिरि का बयान सामने आया है। आनंद गिरि ने कहा कि उन्होंने आत्महत्या नहीं की है, उनकी हत्या की गई है। गुरुजी ऐसा नहीं कर सकते, उन्हें मारा गया है और मुझे फंसाने की कोशिश हो रही है। 

हिरासत में लिए जाने से पहले एक न्यूज चैनल से बात करते हुए आनंद गिरि ने कहा कि गुरुजी साजिश का शिकार हुए हैं, असली दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। वे मेरी भी हत्या करवा सकते हैं। आनंद गिरी ने कहा कि गुरुजी ने कभी अपने हाथ से पत्र ही नहीं लिखा था, वो इतना लंबा पत्र लिख ही नहीं सकते। 

आनंद गिरि ने कहा कि मैं हर जांच के लिए तैयार हूं, भाग नहीं रहा हूं, अगर दोषी हूं तो मुझे जरूर सजा मिले। आनंद गिरि ने कुछ लोगों पर उंगली उठाते हुए कहा कि उनके कुछ शिष्यों के पास 5-5 करोड़ के बंगले तक हैं, आखिर ये कहां से आया। 

बताया जा रहा है कि कथित सुसाइड नोट में आनंद गिरि के अलावा दो और लोगों के नाम हैं। इस नोट को वसीयतनामा के रूप में लिखा गया है। 

नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत 

बता दें कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उन्होंने फांसी लगाकर खुदकुशी की है। उनका शव अल्लापुर स्थित बाघंबरी मठ स्थित उनके आवास में मिला। उनका शव पंखे में लिपटा हुआ मिला था। शिष्यों ने रस्सी काटकर उनका शव नीचे उतारा। 

इसकी सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। पुलिस ने सूचना मिलते ही मठ को सीज कर दिया। जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस के मुताबिक यहां से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है जिसमें उन्होंने अपने शिष्य आनंद गिरि पर परेशान करने का आरोप लगाया है। ये पत्र 6-7 पन्नों का है।  

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