Aaj Ka Shabd Samadar Ramdhari Singh Dinkar Finest Poem On Jp Jhanjha Soi Toofan Ruka – आज का शब्द: समादर और जेपी पर लिखी दिनकर की कविता- झंझा सोई, तूफान रुका

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                            समादर यानी उचित आदर, प्रतिष्ठा, यथेष्ट सम्मान। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- समादर। प्रस्तुत है जयप्रकाश नारायण के लिए रामधारी सिंह दिनकर की कविता- झंझा सोई, तूफान रुका
                                                                     
                            

झंझा सोई, तूफान रुका, प्लावन जा रहा कगारों में;
जीवित है सबका तेज किन्तु, अब भी तेरे हुंकारों में।
दो दिन पर्वत का मूल हिला, फिर उतर सिन्धु का ज्वार गया,
पर, सौंप देश के हाथों में वह एक नई तलवार गया।

जय हो' भारत के नये खड्ग; जय तरुण देश के सेनानी!
जय नई आग! जय नई ज्योति! जय नये लक्ष्य के अभियानी!
स्वागत है, आओ, काल-सर्प के फण पर चढ़ चलने वाले!
स्वागत है, आओ, हवनकुण्ड में कूद स्वयं बलने वाले!

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