Aaj Ka Shabd Pashan Gopaldas Neeraj Greatest Poem Tum Meri Manzil Mat Asan Karo – आज का शब्द: पाषाण और गोपालदास नीरज की रचना- तुम मत मेरी मंज़िल आसान करो

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                            पाषाण यानी पत्थर। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- पाषाण। प्रस्तुत है गोपालदास नीरज की रचना-तुम मत मेरी मंज़िल आसान करो
                                                                     
                            

मैं तूफ़ानों में चलने का आदी हूँ 
तुम मत मेरी मंज़िल आसान करो। 

हैं फूल रोकते, काँटें मुझे चलाते 
मरुस्थल, पहाड़ चलने की चाह बढ़ाते 
सच कहता हूँ जब मुश्किलें नहीं होती हैं 
मेरे पग तब चलने में भी शर्माते 
मेरे संग चलने लगें हवाएँ जिससे 
तुम पथ के कण-कण को तूफ़ान करो। 

मैं तूफ़ानों में चलने का आदी हूँ 
तुम मत मेरी मंज़िल आसान करो। 

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