कॉर्नफ्लोर क्या होता है। मक्के के आटे और कॉर्न फ्लोर में अंतर

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कॉर्नफ्लोर क्या होता है हामारे भारत देश में कहीं सारे फसल का खेती किया जाता है, इसमें अलग अलग फायदे देखने को मिलेंगे इसमें से आज हाम इक फसल की बात करेंगे जिसको हम कहिना कई हामरे रोसेई घर में इस्तमाल करते है,उस फसल का नाम है मक्का यहां हाम् मक्का की आटे यानी कॉर्नफ्लोर की बारेमे बात करने वाले है तो चलिए बात करते है corn flour kya hota hai इसके बारे में।

कॉर्नफ्लोर क्या होता है

 

कॉर्नफ्लोर क्या होता है।What Is Corn Flour In Hindi।

अगर आप सोच रहे है ही कॉर्नफ्लोर मक्के का आटा होता है किउकी Corn का मतलब मक्का अर Flour का मतलब आटा है इसलिए मक्के का आटा इसका मतलब (cornmeal flour) है।

मक्का के आटे को मक्का को सुखा कर इसको पेस कर जो निकल ता है उसको cornmeal flour यानी मक्के का आटा कहते है यह पीला आर थरथर सा होता है,जब की कॉर्नफ्लोर मक्के के छिलके को निकाल कर उसकी पीस कर तैयार किया जाता है, जबकि ये हालका पीला अर् चिकना होता है।

कॉर्नफ्लोर की कॉर्न स्टार्च (corn starch)के नाम से भी जाना जाता है इसको (maize starch) भी कहते है, कॉर्नफ्लोर को किसिभी तरल पदार्थों को गाढ़ा करने केलिए अर तले हुए चिजिको क्रिस्पी बनाने केलिए इस्तमाल किया जाता है तो आपको पता चलगेया की कॉर्नफ्लोर क्या होता है।

कॉर्नफ्लोर में पाए जाने वाले पोषक तत्व (Nutrition Value in Cornflour)

एक इंसान को दिन भर में तंद्रस रहने केलिए जितना पोषक तत्व चाहिए बो आपको एक चमच कॉर्नफ्लोर में मिलता है,में आपको एक फोटो के माध्यम से एक सूची दिया है जिसको पढ़ कर आप जान सकते है कि कॉर्नफ्लोर में कितना प्रोटीन है।

कॉर्नफ्लोर के उपयोग (Uses of Cornflour)

कॉर्नफ्लोर के उपयोग खास करके सबके रसोई घर में उपयोग किया जाता है,इसके अल्बा ए कुछ रोग केलिए हानारे लिए होम रेमेडी के भी काम करती है, तो चलिए में आपको इसके उपयोग के बारीमे नीचे बताता हूं।

    • आप सभी आपके रसोई घर में कॉर्नफ्लोर को कटलेट,कोफ्ता या फिर इसी प्रकार के फ्राइड फूड को क्रिस्पी बनाने केलिए कॉर्नफ्लोर को इस्तमाल किया जाता है।
    • या फिर आप इसके अल्बा कोई तरल चीज तयार करते है जिसकी शूप, स्वास,जैसे चिजिकी गाढ़ा बनाने केलिए कॉर्नफ्लोर इस्तमाल किया जाता है।
    • जब्बी आप दूध में कुछ बनाना चाहते है अर दूध पतला होनेके कारण जल्दी गाढ़ा नहीं हो पाता इसलिए हम उसमे कॉर्नफ्लोर मिला कर उसको गाढ़ा करते है।
    • अक्सर देखा गेया है कि परनियारी में कॉर्नफ्लोर के पतले पर्दे को चढ़ाया जाता है ताकि जब इसकी काटा जाए तो ये बिखरे नहीं।
    • खनेके चिजिके अल्बा कॉर्नफ्लोर बचोके पाउडर में भी मिलाया जाता है, या फिर एयार बैग बनाने केलिए भी इस्तमाल किया जाता है।
    • इसके साथ ए मेडिकल अर चिकित्सा खेट्रो में भी इस्तमाल किया जाता है, कॉर्नफ्लोर चिकित्सा खेट्री में एक आंटी सेप्टिक रूप कि तरह काम करता है।

कॉर्नफ्लोर के फायदे (Benefits of Cornflour)

कॉर्नफ्लोर के स्वास्थ्य लाभों के बारे में नीचे चर्चा की गई है:

ग्लूटेन मुक्त

मकई का आटा लस मुक्त है और गेहूं के आटे का एक बढ़िया विकल्प है। इसका उपयोग ग्रेवी को गाढ़ा करने के लिए किया जाता है और बिना भड़काऊ ग्लूटेन का उपयोग किए पके हुए माल, टॉर्टिला बनाता है। सूजन अधिकांश बीमारियों का मुख्य कारण है इसलिए आहार से सूजन पैदा करने वाले खाद्य पदार्थों को खत्म करने से बीमारियों को रोकने में मदद मिलती है और जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार होता है।

फाइबर से भरपूर

एक कप कॉर्नफ्लोर नियमित फाइबर लक्ष्यों का एक तिहाई प्रदान करता है और आवश्यक प्रोटीन भी प्रदान करता है जिसकी दैनिक आवश्यकता होती है इसलिए इससे तैयार व्यंजन इन आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। शाकाहारी लोगों के लिए यह एक अच्छा विकल्प है क्योंकि उनके लिए आहार में प्रोटीन मिलना चुनौतीपूर्ण होगा।

एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत

मकई में उच्च स्तर के एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो बीमारियों को रोकने में मदद करते हैं। एक असंसाधित मकई में समान प्रसंस्कृत अनाज की तुलना में उच्च स्तर के पॉलीफेनोल्स होते हैं जिन्हें अनाज अनाज भी कहा जाता है। इन यौगिकों से भरपूर खाद्य पदार्थ प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, विषाक्त पदार्थों और सूरज के संपर्क में आने से होने वाले मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से लड़ने में मदद करते हैं।

पाचन स्वास्थ्य का समर्थन करता है

मकई में सेल्यूलोज, एमाइलोज, हेमिकेलुलोज और लिग्निन होते हैं जिन्हें अघुलनशील फाइबर कहा जाता है। अघुलनशील और घुलनशील फाइबर के बीच संतुलन उचित पाचन में सहायता करता है। मकई में पाए जाने वाले अघुलनशील फाइबर में बृहदान्त्र में किण्वन और विविध माइक्रोबायोम की सहायता करने की क्षमता होती है।

कॉर्नफ्लोर के नुकसान (Effect of Cornflour)

जेसेकी कॉर्नफ्लोर का बहत सारे फायदे है बेसेही उसका नुकसान भी है तो चलिए जानते है कॉर्नफ्लोर की नुकसान क्या है।

    • आप सभी तो जानते है कॉर्न का खेती कहीं जागा पर की जाती है,लेकिन जो ऑर्गेनिक खेती किजाती है उसमे भर पुर मात्रा में फाइबर, अंटियाकाइडेंट होता है जोकि सरिर के बिसेस भग में संचालित होता है, जोकि सरीर केलिए बहत फायदे होते है, लेकिन अधिक तो जगह पे उत्पन किए गए कॉर्न जीन्येटाइसी रूप में उत्पाद कि जाती है, अर साथ ही उसकर खतरनाक कीटनाशक छिड़बाया जाता है,जोकि सारिर केलिए बहत ही खतरनाक है,जोकि कैंसर,लीभर,डाइबिटीज जैसी बीमारियों को पैदा करती है।
    • कॉर्नफ्लोर में अधिक मात्रा में कैलोरीज़ अर काबोहाइड्रेट होता है, जी की सारीर के बजन कम करने केलिए बाधा प्राप्त करती है, अर इसमें अधिक कार्बोहाइड्रेट होनेकी कारण डाइबिटीज मरीज केलिए बहत ही खराब है कीउकी ये गुल्कोज लेबुल को काफी बढ़ा देती है ,जोकि बदमे फेट में बदल जाती है।

नेट: हालाकि ये कॉर्न कि तयार होनेका प्रोसेस पर निर्भर करता है, आटा सोच है कि नहीं अगर आप पैकेट वाला कॉर्न खाते है, तो आप घर्मे कॉर्न को तयार कर सकते है।

कॉर्नफ्लोर को तयार कैसे करे। कॉर्नफ्लोर को स्टोर कैसे करे।

    • पहले आप मक्के को 6 से 7 घंटे पानी में भिगो के रख दीजिए अर उसके बाद पानिको छान कर मक्के को अलग कर दीजिए.
    • अर उसमे थोड़ासा पानी डालके उसे पीस लीजिए अर उसकी 10 मिनटों तक रख लीजिए.
    • अर उसके बाद उस मक्के को छान के पानिकी अलग कर दीजिए अर कचड़े को निकाल दीजिए,उस पानी को 10 मिनटों तक रख दीजिए.
    • उसके बाद पानीको एक सफेद कपड़े के अंदर डालके निचोड़ लीजिए, अर उसके बाद तिसू पेपर या किसी आर के मदत से बचे हुए पानीकी आछे से सोस लीजिए.
    • उसके बाद मक्के को सुखा लीजिए सूखने के बाद उसे मिक्सचर में डाल कर पीस लीजिए,
    • अब आपका कॉर्नफ्लोर तयार हो चुका है,आप उससे किसी काच का जार में डाल कर आच्छे से पेकिंग कर दीजिए अर आप उससे 3 , महीने तर इस्तमाल कर सकते है.

 

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